भरतपुर में सेना के हथियार डिपो पर रहस्यमयी ड्रोन उड़ान: 1000 मीटर ऊपर 4-5 ड्रोन दिखे, पीछा करने पर अंधेरे में गायब हो गए
राजस्थान के भरतपुर में भारतीय सेना के हथियार डिपो पर 25 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे 4-5 संदिग्ध ड्रोन 1000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ते दिखे। आर्मी जवानों ने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन अंधेरे में ड्रोन गायब हो गए। आर्मी ने 27 जनवरी को पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसकी अब तकनीकी जांच चल रही है। यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंताजनक है, क्योंकि संवेदनशील सैन्य क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है।
राजस्थान के भरतपुर जिले में भारतीय सेना के एक महत्वपूर्ण हथियार डिपो (Weapons Depot) पर संदिग्ध ड्रोन उड़ान का मामला सामने आया है। यह घटना 25 जनवरी 2026 की रात करीब 10 बजे की बताई जा रही है, जब आर्मी के जवानों ने आसमान में 4 से 5 ड्रोन को करीब 1000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ते हुए देखा। ड्रोन हथियार डिपो के ऊपर मंडरा रहे थे, जिससे सुरक्षा बलों में हड़कंप मच गया।
आर्मी के जवानों ने तुरंत ड्रोन का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर सभी ड्रोन अचानक गायब हो गए। घटना के बाद आर्मी ने मंगलवार (27 जनवरी 2026) को स्थानीय पुलिस को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस और आर्मी की प्रतिक्रिया
एडिशनल एसपी धर्मेंद्र यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 25 जनवरी की रात करीब 10 बजे आर्मी से सूचना मिली थी कि हथियार डिपो के ऊपर ड्रोन उड़ रहे हैं। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आर्मी जवानों से पूरी घटना की जानकारी ली। जवानों ने बताया कि ड्रोन काफी ऊंचाई (लगभग 1000 मीटर) पर थे और अचानक गायब हो गए।
आर्मी अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस को दी है, जिसकी अब तकनीकी स्तर पर जांच चल रही है। सीओ ग्रामीण कन्हैया लाल चौधरी मामले की जांच के प्रभारी हैं। जांच में ड्रोन के संभावित स्रोत, उनका उद्देश्य और क्या ये अनधिकृत थे या किसी बड़े खतरे का संकेत हैं, इन सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
सुरक्षा चिंताएं और संभावित कारण
हथियार डिपो जैसे संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन उड़ान बेहद गंभीर मानी जाती है, क्योंकि ये निगरानी, जासूसी या यहां तक कि हमले के लिए इस्तेमाल हो सकते हैं। हाल के वर्षों में भारत के सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन घुसपैठ के कई मामले सामने आए हैं, खासकर जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान से जुड़े ड्रोन देखे गए हैं। हालांकि भरतपुर राजस्थान का आंतरिक इलाका है, इसलिए यह घटना और भी चिंताजनक है।
यह संभव है कि ड्रोन शौकिया व्यक्ति, कोई गैरकानूनी गतिविधि या फिर सुरक्षा जांच के लिए इस्तेमाल किए गए हों, लेकिन अंधेरे में गायब होना संदेह पैदा करता है। आर्मी और पुलिस संयुक्त रूप से सीसीटीवी फुटेज, आसपास के इलाकों की जांच और तकनीकी विश्लेषण कर रहे हैं ताकि ड्रोन के मालिक या ऑपरेटर का पता लगाया जा सके।
ड्रोन नियमों का उल्लंघन
भारत में ड्रोन उड़ाने के सख्त नियम हैं। संवेदनशील स्थानों जैसे सैन्य क्षेत्रों के 5 किमी दायरे में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित है। ऐसे में यह घटना ड्रोन नियमों के उल्लंघन के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी चिंता भी पैदा करती है।पुलिस और आर्मी ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को इस रात या आसपास के दिनों में संदिग्ध ड्रोन या गतिविधि दिखाई दी हो, तो तुरंत सूचना दें। जांच पूरी होने पर अधिक जानकारी सामने आएगी।