बाड़मेर में 'विकसित राजस्थान – रन फॉर राजस्थान' कार्यक्रम में बड़ा हादसा: एक्सपायरी बिस्कुट बांटे गए, नगर परिषद कर्मचारी की लापरवाही पर जिला प्रशासन की फटकार, गोपाल मार्केटिंग कंपनी पर छापा, 31 कार्टन जब्त

बाड़मेर में "विकसित राजस्थान – रन फॉर राजस्थान" कार्यक्रम के दौरान हजारों प्रतिभागियों को एक्सपायरी डेट वाले बिस्कुट बांटे गए। नगर परिषद कर्मचारी चंद्रप्रकाश खत्री की लापरवाही के कारण यह गड़बड़ी हुई। शिकायत पर जिला प्रशासन ने फटकार लगाई और फूड इंस्पेक्टर राजेश जांगिड़ की टीम ने गोपाल मार्केटिंग कंपनी पर छापा मारकर 31 कार्टन अवधिपार बिस्कुट जब्त किए। यह घटना सरकारी कार्यक्रमों में गुणवत्ता नियंत्रण की कमी को उजागर करती है।

Mar 15, 2026 - 10:59
बाड़मेर में 'विकसित राजस्थान – रन फॉर राजस्थान' कार्यक्रम में बड़ा हादसा: एक्सपायरी बिस्कुट बांटे गए, नगर परिषद कर्मचारी की लापरवाही पर जिला प्रशासन की फटकार, गोपाल मार्केटिंग कंपनी पर छापा, 31 कार्टन जब्त

बाड़मेर, 15 मार्च 2026: राजस्थान सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम "विकसित राजस्थान – रन फॉर राजस्थान" के दौरान जिले में आयोजित रन इवेंट में एक बड़ा लापरवाही का मामला सामने आया है। प्रतिभागियों को रिफ्रेशमेंट के रूप में एक्सपायरी डेट वाले बिस्कुट बांटे गए, जिससे स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो गया और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए।

यह घटना तब प्रकाश में आई जब कार्यक्रम में शामिल हजारों प्रतिभागियों (लगभग 5 हजार के आसपास) को पैकेट में बिस्कुट वितरित किए गए। इन बिस्कुटों की एक्सपायरी डेट निकल चुकी थी, जिसकी शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। मामले की जांच में सामने आया कि नगर परिषद के कर्मचारी चंद्रप्रकाश खत्री की लापरवाही के कारण यह गड़बड़ी हुई। उन्होंने बिना जांच-पड़ताल के एक्सपायरी बिस्कुटों को कार्यक्रम में शामिल कर लिया, जिससे जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हुआ।

जिला प्रशासन की फटकार के बाद फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई की। फूड इंस्पेक्टर राजेश जांगिड़ के नेतृत्व में टीम ने गोपाल मार्केटिंग कंपनी पर छापा मारा, जहां से यह बिस्कुट सप्लाई किए गए थे। छापेमारी के दौरान कुल 31 कार्टन अवधि पार (एक्सपायरी) बिस्कुट जब्त किए गए। इन बिस्कुटों को बाजार में बेचने की तैयारी थी, लेकिन कार्यक्रम में उनके उपयोग से मामला उजागर हो गया।

यह घटना न केवल प्रशासनिक नाकामी को दर्शाती है, बल्कि उस सिस्टम की पोल भी खोलती है जो बाजार में खराब सामान को रोकने के लिए जिम्मेदार है, वही खुद जनता को एक्सपायरी प्रोडक्ट परोस रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, फिटनेस और विकास को बढ़ावा देना था, लेकिन यहां प्रतिभागियों को ऐसे उत्पाद दिए गए जो उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते थे।स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इस घटना की कड़ी आलोचना हो रही है। लोग कह रहे हैं कि "जिस सिस्टम से उम्मीद होती है कि बाजार में खराब सामान बिकने नहीं देगा, वही जनता को परोस रहा है। मामला छोटा नहीं, प्रशासन की असलियत है।"

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.