बाड़मेर में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन: गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़े दामों के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर धरना, पीएम मोदी का पुतला फूंका

बाड़मेर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घरेलू गैस सिलेंडर की 60 रुपये बढ़ी कीमतों और आपूर्ति की कमी के विरोध में जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरना दिया। उन्होंने दो गैस सिलेंडर, चूल्हा और लकड़ियां लेकर बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी की, पीएम मोदी का पुतला फूंका और सरकार पर आने वाले संकट की चेतावनी दी। जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने कहा कि प्रशासन गोदामों में टंकियां गिन रहा है, जो भविष्य में गैस संकट का संकेत है। पूर्व जिलाध्यक्ष फतह खान ने विवादित बयान दिए, जबकि पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। यह प्रदर्शन पूरे देश में चल रहे कांग्रेस के LPG विरोध का हिस्सा है।

Mar 13, 2026 - 16:39
बाड़मेर में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन: गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़े दामों के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर धरना, पीएम मोदी का पुतला फूंका

बाड़मेर, 13 मार्च 2026: घरेलू गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति में हो रही कमी के खिलाफ राजस्थान के बाड़मेर जिले में कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने दो घरेलू गैस सिलेंडर, एक चूल्हा और लकड़ियां लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर धरना दिया। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट गेट के आगे लगे बैरिकेड्स पर गैस टंकियां और लकड़ियां चढ़ाकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंक दिया।

यह प्रदर्शन पूरे देश में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की किल्लत और हालिया मूल्य वृद्धि के खिलाफ कांग्रेस की ओर से चलाए जा रहे व्यापक आंदोलन का हिस्सा है। मार्च 2026 की शुरुआत में केंद्र सरकार ने घरेलू 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की है, जिसके बाद दिल्ली में यह 913 रुपये, जयपुर में लगभग 916.50 रुपये और बाड़मेर में करीब 879-916 रुपये (क्षेत्र के अनुसार) पहुंच गई है। वहीं कमर्शियल सिलेंडरों की कीमत में 114-115 रुपये तक की वृद्धि हुई है और कई जगहों पर उनकी आपूर्ति पर अघोषित रोक लगने की खबरें हैं, जिससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यवसाय प्रभावित हो रहे हैं।

प्रदर्शन की प्रमुख बातें और नेता क्या बोले

कांग्रेस के जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने प्रदर्शन के दौरान बताया कि जिला प्रशासन विभिन्न गोदामों पर जाकर टंकियों की गिनती कर रहा है, जो यह संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में गैस सिलेंडर की भारी कमी हो सकती है। उन्होंने कहा, "पूरे देश में गैस सिलेंडर को लेकर त्राहि-त्राहि मची हुई है, लेकिन सरकार के पास कोई रोडमैप या नीति नहीं है। उज्ज्वला योजना के तहत हर घर को सिलेंडर तो दे दिया, लेकिन अब वे खाली पड़े हैं। यूपीए सरकार के समय 2008 में सिलेंडर 305 से अधिकतम 415 रुपये तक हुआ था, जबकि आज 913 रुपये पहुंच गया है। चुनाव से पहले 50-100 रुपये कम कर देते हैं, लेकिन आम आदमी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।"

पूर्व जिलाध्यक्ष फतह खान ने विवादित बयान देते हुए कहा कि "ऐसा लग रहा है जैसे अमेरिका ने भारत में अघोषित कब्जा कर लिया है। प्रधानमंत्री कोई काम करने से पहले अमेरिका की तरफ देखते हैं।" उन्होंने हाल के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए चिंता जताई।पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल ने कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर पर 60 रुपये बढ़ाए गए और कमर्शियल गैस की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जो मजदूरों, किसानों और गरीबों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी दिनों में और उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे।

प्रदर्शन का तरीका और प्रतीकात्मक विरोध

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लिए कलेक्ट्रेट गेट पर पहुंचे। उन्होंने गैस सिलेंडरों को सिर पर रखा, बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी की और लकड़ियों-चूल्हे को प्रतीक बनाकर दिखाया कि लोग फिर से पारंपरिक ईंधन पर निर्भर होने को मजबूर हो रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए गए, जैसे "महंगाई हटाओ", "गैस दो, गैस दो" आदि।यह प्रदर्शन राजस्थान के अन्य जिलों जैसे सीकर, जोधपुर, अजमेर, नागौर आदि में भी हुए प्रदर्शनों से जुड़ा है, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर चूल्हा जलाकर चाय-रोटी बनाई और विरोध जताया। दिल्ली में भी संसद परिसर और गैस एजेंसियों के बाहर इसी तरह के प्रदर्शन हुए।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.