चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे करेगा 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों का ऐलान: पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होगा मतदान
चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करेगा। इन पांचों राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई-जून 2026 में समाप्त हो रहा है। बंगाल और असम में 2 चरणों में, जबकि केरल, तमिलनाडु व पुडुचेरी में एक चरण में चुनाव होने की संभावना है। SIR प्रक्रिया के बाद तमिलनाडु में सबसे ज्यादा (74 लाख+) नाम कटे हैं, उसके बाद बंगाल (58 लाख)। ममता बनर्जी चौथी बार CM बनने की कोशिश में हैं, जबकि असम में BJP 100+ सीटें, केरल में LDF लगातार तीसरी बार, तमिलनाडु में DMK vs AIADMK-BJP vs TVK जैसे मुकाबले हैं।
नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (Election Commission of India - ECI) आज, 15 मार्च 2026 को शाम 4 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करने जा रहा है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी (केंद्र शासित प्रदेश) के विधानसभा चुनावों की तारीखों, चरणों, मतदान की प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण विवरणों का औपचारिक ऐलान होने की पूरी संभावना है। यह घोषणा विज्ञान भवन, नई दिल्ली में होगी, और इसके साथ ही इन राज्यों में आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) भी लागू हो जाएगी।
ये पांचों विधानसभाएं मई-जून 2026 तक अपना कार्यकाल पूरा करने वाली हैं। पिछली बार 2021 में इन चुनावों का ऐलान 26 फरवरी को हुआ था, और अब 2026 में भी इसी तरह का समय-सारिणी अपेक्षित है। चुनाव आयोग ने हाल ही में इन राज्यों में तैयारी का जायजा लिया है, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार सहित आयोग की टीम ने विभिन्न दौरों में स्थिति का मूल्यांकन किया। सूत्रों के अनुसार, इस बार चुनावों को पिछले से कम चरणों में कराने की योजना है, ताकि प्रक्रिया सुचारू और कम समय में पूरी हो सके।
संभावित चुनावी प्रारूप (आसार के आधार पर)
पश्चिम बंगाल: पिछले 2021 में 8 चरणों में मतदान हुआ था, लेकिन इस बार 2 चरणों में चुनाव होने की संभावना है। राज्य में हिंसा और सुरक्षा के मुद्दे प्रमुख रहते हैं, इसलिए बड़ी संख्या में केंद्रीय बल तैनात किए जाएंगे।
असम: 2021 में 3 चरणों में वोटिंग हुई थी, अब 2 चरणों में संभावित।
तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी: ये तीनों पिछले चुनाव की तरह सिंगल फेज (एक ही चरण) में मतदान करा सकते हैं।
विधानसभाओं का कार्यकाल समाप्ति तिथि
पश्चिम बंगाल: 7 मई 2026,
तमिलनाडु: 10 मई 2026,
असम: 20 मई 2026,
केरल: 23 मई 2026,
पुडुचेरी: 15 जून 2026,
SIR (Special Intensive Revision) के बाद मतदाता सूची में बड़े बदलाव
चुनाव आयोग ने हाल ही में Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया पूरी की है, जिसमें कई राज्यों से लाखों नाम कटे हैं:तमिलनाडु: सबसे ज्यादा प्रभावित – कुल 6,41,14,587 मतदाताओं में से 74,07,207 नाम हटाए गए। अब कुल 5,67,07,380 मतदाता बचे हैं।पश्चिम बंगाल: करीब 58 लाख नाम कटे।केरल: लगभग 8 लाख नाम हटाए गए।असम: करीब 2 लाख नाम कटे।पुडुचेरी: सबसे कम – मात्र 77 हजार नाम हटाए गए।यह बदलाव मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाने के लिए किया गया है, लेकिन इससे कुछ विवाद भी उठे हैं।
राज्यों में राजनीतिक चुनौतियां और मौजूदा स्थिति
ये चुनाव 2026 के राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। आइए देखते हैं प्रत्येक राज्य की स्थिति:
पश्चिम बंगाल: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (TMC) 14 साल से सत्ता में हैं। अगर TMC जीती तो ममता लगातार चौथी बार CM बनेंगी, जो किसी महिला नेता के लिए देश का पहला रिकॉर्ड होगा (जयललिता ने 5 बार CM पद संभाला था, लेकिन लगातार नहीं)। BJP मुख्य चुनौती बनी हुई है।
असम: BJP की सरकार 10 साल से है, और CM हिमंता बिस्वा सरमा तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में हैं। पार्टी ने 126 सीटों में 100+ जीतने का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी ने हाल में कई दौरों पर राज्य का दौरा किया। मुद्दे: बांग्लादेश घुसपैठ, असमिया पहचान, सीमा सुरक्षा। कांग्रेस ने 10 दलों के साथ गठबंधन किया है, जिसमें वामपंथी और क्षेत्रीय दल शामिल हैं।
तमिलनाडु: पिछले 60 साल से न BJP और न कांग्रेस की सरकार बनी है। DMK सत्ता में है। BJP AIADMK से गठबंधन की संभावना है। सुपरस्टार विजय की नई पार्टी TVK भी चुनावी मैदान में उतरी है, जो नया समीकरण बना सकती है।
केरल: देश का एकमात्र राज्य जहां वाम मोर्चा (LDF) सत्ता में है। 2021 में लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर परंपरा तोड़ी। कांग्रेस (UDF) एंटी-इनकम्बेंसी का फायदा उठाने की कोशिश करेगी। BJP यहां अब तक एक भी विधानसभा सीट नहीं जीत पाई, लेकिन हाल में लोकसभा (त्रिशूर) और नगर निगम (तिरुवनंतपुरम) में सफलता मिली है।
पुडुचेरी: 2021 में कांग्रेस सरकार गिरने के बाद AINRC-BJP गठबंधन सत्ता में आया, और N. रंगासामी CM बने। यह BJP का पहला सीधा सत्ता में हिस्सा था। कांग्रेस DMK के साथ गठबंधन में वापसी की कोशिश कर रही है, और सरकार गिरने के मुद्दे को हथियार बनाना चाहती है।