बाड़मेर में SBI बैंक चोरी का रहस्योद्घाटन: लॉकर नहीं टूटा तो CCTV कैमरे, LED टीवी और वॉटर आरओ मशीन लेकर भागे चोर
बाड़मेर जिले के साता गांव स्थित एसबीआई बैंक शाखा में 5 मार्च 2026 की रात चोरों ने ताला तोड़कर घुसपैठ की। लॉकर तोड़ने में असफल रहने के बाद उन्होंने बैंक के CCTV कैमरे, अलार्म की केबल, LED टीवी और वॉटर आरओ मशीन चोरी कर ली। एक महीने बाद पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य साथियों की तलाश जारी है।
बाड़मेर जिले के भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में स्थित साता गांव की एसबीआई बैंक शाखा में हुई चोरी का एक महीने बाद पुलिस ने सफल खुलासा किया है। चोरों ने बैंक में ताला तोड़कर घुसपैठ की और लॉकर तोड़ने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने के बाद उन्होंने बैंक की मूल्यवान संपत्ति — CCTV कैमरे, अलार्म सिस्टम की केबल, LED टीवी और वॉटर आरओ मशीन — चोरी कर ली। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य साथियों की तलाश जारी है।
घटना का विवरण
घटना 5 मार्च 2026 की रात की है, जब अज्ञात चोरों ने बाड़मेर जिले के साता गांव स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में सेंध लगाई। चोरों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर बैंक परिसर में प्रवेश किया। उन्होंने सबसे पहले लॉकर रूम तक पहुंचकर लॉकर तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन यह कोशिश नाकाम रही। लॉकर नहीं खुल पाने के बाद निराश चोरों ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था को निशाना बनाया। उन्होंने CCTV कैमरे तोड़ दिए, अलार्म सिस्टम की केबल काट दी और काउंटर के शीशे भी तोड़ दिए। इसके बाद उन्होंने बैंक में लगी LED टीवी और वॉटर डिस्पेंसर (आरओ मशीन) चोरी कर ली और मौके से फरार हो गए।
शाखा प्रबंधक की शिकायत
6 मार्च 2026 को बैंक शाखा प्रबंधक ने बाखासर थाने में इस चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि रात के समय चोर बैंक में घुसकर सुरक्षा उपकरणों को क्षतिग्रस्त कर दिए और कुछ सामान लेकर भाग गए। इस आधार पर बाखासर पुलिस थाने में चोरी का मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही बाखासर, सेड़वा और बीजराड़ थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL), मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट (MOB) और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने वहां से फिंगरप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। उपलब्ध CCTV फुटेज में पांच संदिग्ध युवकों के घूमते हुए नजर आने की जानकारी सामने आई।
बाखासर थानाधिकारी राजुराम विश्नोई ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित की। तकनीकी साक्ष्यों, फिंगरप्रिंट्स और गुप्त सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने चार संदिग्धों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक पूछताछ में सभी चारों आरोपियों ने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
आरोपियों का बयान
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे लॉकर में रखे नकदी या अन्य मूल्यवान सामान चुराने के इरादे से बैंक में घुसे थे। लेकिन लॉकर तोड़ने में वे असफल रहे। लॉकर नहीं खुल पाने के बाद उन्होंने बैंक की आसानी से उठाई जा सकने वाली चीजें — CCTV कैमरे, अलार्म की केबल, LED टीवी और वॉटर आरओ मशीन — चोरी कर लीं।
पुलिस फिलहाल इन चारों आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है और बाकी बचे साथियों की तलाश में जुटी हुई है। इस सफल कार्रवाई में कांस्टेबल दिनेश सिंह की अहम भूमिका रही।
वर्तमान स्थिति
पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है। इस घटना से बैंक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, खासकर सीमा क्षेत्र की बैंक शाखाओं में सुरक्षा के कड़े इंतजाम की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि आधुनिक सुरक्षा उपकरणों के बावजूद चोरों की हरकतें जारी हैं और पुलिस की सतर्कता तथा तकनीकी जांच से ऐसे मामलों का खुलासा संभव होता है।
अन्य साथियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि पांचवें संदिग्ध की पहचान कर ली गई है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।