बाड़मेर में घरेलू चोरी का मामला सुलझा: चोरी के जेवरात से गोल्ड लोन लेने वाले दो आरोपी गिरफ्तार, 17.09 ग्राम सोना बरामद
बाड़मेर कोतवाली पुलिस ने 15 सितंबर की घरेलू चोरी में दो आरोपियों - स्वरूप और अनिल - को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने चुराए सोने-चांदी के जेवरात से गोल्ड लोन लिया था। पुलिस ने 17.09 ग्राम सोने के जेवर बरामद कर लिए और पूछताछ जारी है। पीड़ित: नारायण दास माहेश्वरी।
बाड़मेर (राजस्थान) की कोतवाली पुलिस ने एक माह पुरानी घरेलू चोरी की वारदात को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरात को गिरवी रखकर गोल्ड लोन ले लिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से कुल 17.09 ग्राम सोने के जेवरात बरामद कर लिए हैं और उनसे गहन पूछताछ कर रही है। यह वारदात 15 सितंबर 2025 को पीड़ित के घर में हुई थी, जिसमें चोरों ने घर के अंदर घुसकर कीमती सामान चुराया था।
वारदात का विवरण: पीड़ित नारायण दास माहेश्वरी ने बाड़मेर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 सितंबर को उनके घर में अज्ञात चोरों ने चोरी की थी। चोरी गए सामान में सोने और चांदी के जेवरात शामिल थे। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान तथा अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले को ट्रेस करना शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि चोरी का माल आरोपी गोल्ड लोन कंपनियों में गिरवी रखकर पैसा ले चुके थे।
आरोपियों की गिरफ्तारी: पुलिस ने सबसे पहले आरोपी स्वरूप को पकड़ा, जो चोरी में सीधे तौर पर शामिल था। उसके बयान और आगे की जांच से दूसरा आरोपी अनिल सामने आया। अनिल पर मुख्य आरोप है कि उसने चोरी के जेवरात को गोल्ड लोन के लिए इस्तेमाल किया। दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके कब्जे से 17.09 ग्राम सोने के जेवरात बरामद किए, जो मूल रूप से पीड़ित के घर से चुराए गए थे। बरामद जेवरातों की पहचान पीड़ित ने कर ली है।
पुलिस की कार्रवाई: कोतवाली थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने मामले में तेजी से काम किया। आरोपियों से पूछताछ में चोरी की पूरी प्लानिंग, जेवरात बेचने का तरीका और लोन लेने की डिटेल्स सामने आ रही हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी लोकल क्षेत्र के ही हैं और घर के पास रहने के कारण उन्हें पीड़ित के घर की जानकारी थी। मामले में संभवतः और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिसकी जांच जारी है। बरामद जेवरातों को कोर्ट के माध्यम से पीड़ित को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 380 (घरेलू चोरी), 411 (चोरी का माल रखना) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जा सकता है ताकि चोरी के अन्य मामलों से कनेक्शन जांचा जा सके।