"राजस्थान का वो जिला जहाँ रातों-रात मची 'तबाही', न चोरी न लूट... फिर भी करोड़ों का नुकसान! आखिर क्या है माजरा?"
बाड़मेर शहर के पॉश इलाकों में बीती रात कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। एक साथ कई जगहों पर मची तबाही ने पुलिस प्रशासन को भी हिला कर रख दिया है। आखिर कौन था वो अंधेरे का दुश्मन? जानने के लिए क्लिक करें।
बाड़मेर। राजस्थान के सीमावर्ती शहर बाड़मेर में जहां एक ओर पुलिस चोरियों पर लगाम लगाने का दावा कर रही थी, वहीं अब एक नई तरह की सनसनीखेज वारदातों ने आम जनता की नींद उड़ा दी है। शहर में अब चोरों के साथ-साथ 'तोड़फोड़ करने वाली गैंग' सक्रिय हो गई है, जो देर रात सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों को निशाना बना रही है।
एक ही रात में कई इलाकों को बनाया निशाना
बीती रात बाड़मेर के अलग-अलग मोहल्लों में बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया। जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने माधिसा धाम मार्ग, जूना केराड़ू मार्ग, कर्मोजी की गली, शास्त्री नगर और रैन बसेरा जैसे रिहायशी इलाकों में खड़ी कारों के शीशे पत्थर या किसी भारी वस्तु से तोड़ दिए। सुबह जब वाहन मालिक अपने घरों से बाहर निकले, तो अपनी कीमती लग्जरी गाड़ियों की हालत देखकर दंग रह गए। कई गाड़ियों के बैक ग्लास और साइड विंडो पूरी तरह चकनाचूर थे।
पुलिस महकमे में हड़कंप, डिप्टी पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और पुलिस के आला अधिकारी सक्रिय हो गए। बाड़मेर डिप्टी रमेश कुमार ने खुद घटनास्थल का दौरा किया और पीड़ित वाहन मालिकों से बात की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके।
डिप्टी रमेश कुमार ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा:
"शहर में गाड़ियों के शीशे तोड़ने की घटनाएं संज्ञान में आई हैं। पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं और आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शहर की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए रात्रि गश्त को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।"
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जनता में भारी रोष और असुरक्षा का भाव
गौरतलब है कि कुछ समय पहले ही माधिसा धाम क्षेत्र में बड़ी चोरी की वारदात हुई थी, जिसका खौफ अभी थमा भी नहीं था कि इस नई घटना ने लोगों को डरा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की गश्त केवल मुख्य सड़कों तक सीमित है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी गलियों में ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।