बारां में गौसेवकों पर पुलिस का लाठीचार्ज: बछड़े के कटे शव मामले में निष्पक्ष जांच की मांग पर उबला आक्रोश, बाजार बंद और धरना

राजस्थान के बारां जिले में बरड़िया क्षेत्र में मिले बछड़े के कटे हुए शव को गोहत्या मानकर गौ सेवकों ने निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस के प्राकृतिक मौत बताने पर आक्रोशित होकर सोमवार को उन्होंने शहर बंद कर प्रताप चौक पर धरना दिया, हनुमान चालीसा पढ़ा और कलेक्टर को बुलाने की मांग की। एसपी के समझाने के बावजूद पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज किया, कई घायल हुए और कुछ हिरासत में लिए गए। जिले में धारा 163 लागू कर दी गई है। गौ सेवक दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दे रहे हैं।

Feb 9, 2026 - 17:51
बारां में गौसेवकों पर पुलिस का लाठीचार्ज: बछड़े के कटे शव मामले में निष्पक्ष जांच की मांग पर उबला आक्रोश, बाजार बंद और धरना

राजस्थान के बारां जिले में एक बार फिर गोवंश से जुड़े मामले ने तनाव पैदा कर दिया है। यहां कुछ दिनों पहले बरड़िया क्षेत्र में एक बछड़े का कटा हुआ धड़ मिलने के बाद गौ सेवकों और हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। गौ सेवकों का आरोप है कि यह गोहत्या का स्पष्ट मामला है, लेकिन पुलिस इसे प्राकृतिक मौत बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। विरोध-प्रदर्शन के दौरान सोमवार दोपहर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई लोग घायल हो गए और कुछ को हिरासत में लिया गया।

घटना की पृष्ठभूमि

लगभग 3 दिन पहले (शायद 6 फरवरी के आसपास) बारां के बरड़िया क्षेत्र में पेट्रोल पंप से करीब 500 मीटर दूर एक बछड़े का कटा हुआ शव मिला। शव का धड़ कटा हुआ था और गौ सेवकों ने इसे गोहत्या का मामला करार दिया। उन्होंने तुरंत निष्पक्ष जांच की मांग की।

पुलिस ने जांच के दौरान एक पशुपालक को सामने लाकर यह बयान दिलवाया कि बछड़े की प्राकृतिक मौत हुई थी और बाद में किसी जंगली जानवर ने उसके शव को नुकसान पहुंचाया। हालांकि, गौ सेवकों का कहना है कि बछड़े के शरीर पर किसी जानवर के काटने या निशान नहीं थे, बल्कि यह साफ तौर पर हथियार से काटा गया लगता था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी यह संकेत मिला कि बछड़ा पहले मरा और फिर काटा गया। इस स्पष्टीकरण से गौ सेवक संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

आक्रोश और तैयारी

रविवार को गौ सेवकों की बैठक हुई, जिसमें सोमवार को बारां बंद रखने और बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया। गौ सेवकों का आरोप था कि पुलिस मामले को जानबूझकर कमजोर कर रही है ताकि दोषियों को बचाया जा सके।

सोमवार का प्रदर्शन और बंद

सोमवार सुबह से बड़ी संख्या में गौ सेवक, हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने शहर में रैली निकाली, नारेबाजी की और सभी प्रमुख बाजारों को बंद करवा दिया। पूरे दिन बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा।

प्रदर्शनकारी प्रताप चौक पर पुलिस चौकी के सामने सड़क पर बैठ गए। यहां उन्होंने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। उनकी मुख्य मांग थी:बछड़े की हत्या के मामले में निष्पक्ष और प्रभावी जांच हो।दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई हो।पुलिस की पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली पर रोक लगे।गौ सेवक समिति के सदस्यों को धमकी देने वाले कोतवाली सीआई योगेश चौहान को हटाया जाए।शहर में नई गौशालाएं बनाई जाएं और मृत गोवंश के निस्तारण के लिए उचित व्यवस्था हो।प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे और घोषणा की कि दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रहेगा।

पुलिस की कार्रवाई और लाठीचार्ज

एसपी अभिषेक अंदासु खुद मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को काफी देर तक समझाने की कोशिश की। लेकिन जब लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे, तो दोपहर करीब 3 बजे अचानक पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों को खदेड़ दिया। इस कार्रवाई में कई गौ सेवकों को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी ले लिया।

धारा 163 लागू

घटना के बाद जिला कलेक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने 9 फरवरी से आगे के आदेश तक पूरे जिले में धारा 163 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत) लागू कर दी है। इसका उद्देश्य आगामी त्योहारों (महाशिवरात्रि, होली, रामनवमी आदि) के दौरान जुलूस, शोभायात्रा और भीड़भाड़ को नियंत्रित कर साम्प्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। शहर में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.