बांसवाड़ा-उदयपुर हाईवे पर चलती स्लीपर बस बनी आग का गोला: चंद मिनटों में जलकर राख हुई मुल्तानी सोना बस, यात्रियों ने कूदकर बचाई जान; शॉर्ट सर्किट से लगा हादसा
1 मार्च 2026 को सुबह करीब 6 बजे सलूंबर जिले के झल्लारा थाना क्षेत्र (गरडा गांव के पास) बांसवाड़ा-उदयपुर हाईवे पर आशापुरा ट्रैवल्स की मुल्तानी सोना स्लीपर कोच बस में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। बस चंद मिनटों में आग का गोला बनकर पूरी तरह जलकर राख हो गई, लेकिन ड्राइवर, क्लीनर और 5 यात्रियों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली। हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड बुलानी पड़ी और हाईवे पर 1.5-2 घंटे तक ट्रैफिक जाम रहा। पुलिस जांच कर रही है।
उदयपुर/सलूंबर, 1 मार्च 2026: राजस्थान के सलूंबर जिले में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। बांसवाड़ा से उदयपुर जा रही आशापुरा ट्रैवल्स की 'मुल्तानी सोना' नामक स्लीपर कोच बस अचानक आग की लपटों में घिर गई और महज चंद मिनटों में पूरी बस कोयला बनकर राख हो गई। गनीमत रही कि ड्राइवर, क्लीनर और बस में सवार यात्रियों ने समय रहते बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचा ली, जिससे किसी की जान नहीं गई।
घटना झल्लारा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बांसवाड़ा-उदयपुर हाईवे पर गरडा गांव के पास सुबह करीब 6 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस सामान्य रफ्तार से चल रही थी कि अचानक उसमें से घना धुआं निकलने लगा। यात्रियों और चालक को कुछ समझ में आता कि तब तक आग की लपटें तेजी से फैल गईं और पूरी बस आग का गोला बन गई। ड्राइवर ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए बस को सड़क किनारे रोका और सभी लोग जैसे-तैसे खिड़कियों या दरवाजों से कूदकर बाहर निकल गए। बाहर निकलते ही बस पूरी तरह धधक उठी और कुछ ही देर में उसका लकड़ी-कपड़े का हिस्सा जलकर खाक हो गया।
बस में उस समय कुल 5 यात्री सवार थे, साथ ही ड्राइवर और क्लीनर भी थे। सभी सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही झल्लारा थाना प्रभारी जय किशन फुलवारिया अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल सड़क के दोनों ओर ट्रैफिक रोक दिया ताकि कोई दूसरा हादसा न हो। आग इतनी भीषण थी कि स्थानीय स्तर पर उसे बुझाना मुश्किल हो गया। सलूंबर से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं, जिन्होंने काफी प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक बस का सिर्फ लोहे का ढांचा ही बचा रह गया था।
इस हादसे के कारण बांसवाड़ा-उदयपुर हाईवे पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। जलती बस और चारों ओर फैला धुआं देखकर पुलिस ने वाहनों को काफी दूर रोक दिया, जिससे सड़क के दोनों छोरों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीर और अन्य यात्री लगभग डेढ़ से 2 घंटे तक जाम में फंसे रहे। बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से जली हुई बस को सड़क से हटाया और यातायात बहाल करने की कोशिश की।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का मुख्य कारण बस के इंजन में शॉर्ट सर्किट होना बताया जा रहा है। पुलिस अब इसकी गहन जांच कर रही है कि क्या कोई अन्य तकनीकी खराबी या मेंटेनेंस की कमी भी जिम्मेदार थी। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए बसों में इलेक्ट्रिकल सिस्टम की नियमित जांच और फायर सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता पर जोर दिया जा रहा है।