बालोतरा में 'ऑपरेशन अश्ववेग' के तहत शातिर चोरी गैंग का पर्दाफाश: दो आरोपियों की गिरफ्तारी, 18 से अधिक मामले दर्ज
बालोतरा पुलिस ने 'ऑपरेशन अश्ववेग' के तहत दो शातिर चोरों - इंद्राज और संजय उर्फ संजू को गिरफ्तार किया। ये दिन में सूने मकानों की रैकी करते और रात में ताले तोड़कर सोने-चांदी व नकदी चुराते थे। वारदात के बाद बस या ट्रेन से फरार हो जाते थे। दोनों के खिलाफ 18 से अधिक मामले दर्ज हैं, जो हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर आदि जिलों में फैले हैं। पुलिस चोरी के माल की बरामदगी कर रही है।
बाड़मेर जिले के बालोतरा में पुलिस ने विशेष अभियान 'ऑपरेशन अश्ववेग' के अंतर्गत एक शातिर और अंतरजिला चोरी गैंग का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो दिन में सूने मकानों की रैकी करते थे और रात में ताले तोड़कर चोरी की वारदातें अंजाम देते थे। वारदात के तुरंत बाद वे बस या ट्रेन से शहर छोड़कर फरार हो जाते थे, जिससे उनकी गिरफ्तारी में काफी मुश्किल आती थी।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी पहचान
इंद्राज पुत्र धर्मपाल, निवासी सतु कॉलोनी, सरदारशहर (जिला चूरू),संजय कुमार उर्फ संजू पुत्र श्योपतराम, निवासी सुरेशिया, हनुमानगढ़ जंक्शन (जिला हनुमानगढ़)। दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में पहले से ही करीब डेढ़ दर्जन (18) मामले दर्ज हैं। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने कई जिलों में चोरी की वारदातें करने की बात कबूल की है।
वारदात का तरीका (Modus Operandi)
आरोपी दिन के समय विभिन्न शहरों में खाली या सूने मकानों की पहचान और रैकी करते थे। रात में वे मुख्य गेट या ताले तोड़कर घरों में घुसते, अलमारी या अन्य जगहों से सोने-चांदी के आभूषण, नकदी और अन्य कीमती सामान चुरा लेते थे। चोरी पूरी होने के बाद वे तुरंत बस या ट्रेन से उस शहर को छोड़ देते थे, ताकि स्थानीय पुलिस उन्हें ट्रैक न कर सके। यह उनकी चालाकी और सुनियोजित योजना का हिस्सा था।
एक प्रमुख घटना का विवरण
यह मामला 6 फरवरी को सामने आया, जब रूगजी की पोल निवासी निलेश पुत्र घमंडीराम ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 5 फरवरी की रात वे अपने किराए के मकान के ग्राउंड फ्लोर पर सो रहे थे। रात करीब 1 बजे दो चोरों ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर फर्स्ट फ्लोर पर प्रवेश किया। उन्होंने एक कमरे की अलमारी तोड़कर चांदी की पायल और करीब 20 हजार रुपये नकद चुरा लिए। इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
बालोतरा के एसपी रमेश के निर्देशन में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों (जैसे सीसीटीवी, मोबाइल डेटा आदि), मुखबिर सूचना और डीसीआरबी की मदद से संभावित ठिकानों पर दबिश दी। इस दौरान इंद्राज और संजय कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। दोनों ने चोरी की कई वारदातें करने की बात कबूल ली।
पूछताछ में आरोपियों ने हनुमानगढ़, बीकानेर, सिरोही, पाली, बाड़मेर, जोधपुर कमिश्नरेट और नागौर सहित कई जिलों में चोरियां करने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब चोरी गए माल की बरामदगी के लिए प्रयासरत है और अन्य संबंधित वारदातों की जांच जारी है।
पुलिस का बयान
एसपी रमेश ने बताया कि 'ऑपरेशन अश्ववेग' के तहत जिले में चोरी, नकबजनी और अन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की मदद से शातिर गैंगों का पर्दाफाश किया जा रहा है। यह गिरफ्तारी अंतरजिला अपराधियों पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।