बालोतरा में जहरीले पानी से पशुओं की मौत, दर्जनों भेड़ें और गायें मरी कई पशु अब भी गंभीर...

बालोतरा के पचपदरा क्षेत्र के खेमा बाबा नगर में जहरीला पानी पीने से बड़ी संख्या में पशु बीमार पड़ गए और कई की मौत हो गई। अलग-अलग पशुपालकों की करीब 30 से अधिक भेड़ों और 2 गायों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों पशु अभी भी बीमार हैं। पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंचकर उपचार कर रही है और पानी में जहरीले पदार्थ की आशंका जताई जा रही है।

Mar 7, 2026 - 12:09
बालोतरा में जहरीले पानी से पशुओं की मौत, दर्जनों भेड़ें और गायें मरी  कई पशु अब भी गंभीर...

बालोतरा। जिले के पचपदरा क्षेत्र के खेमा बाबा नगर में जहरीला पानी पीने से पशुओं की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। अचानक बड़ी संख्या में भेड़ों और गायों के बीमार पड़ने तथा कई पशुओं की मौत होने से पशुपालकों में हड़कंप मच गया। इस घटना से पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान भी झेलना पड़ रहा है।

पानी पीते ही गिरने लगे पशु

जानकारी के अनुसार बागुंडी–पचपदरा मुख्य जल पाइपलाइन से जुड़े एक वाल्व के पास पशुओं ने पानी पिया था। पशुपालकों का कहना है कि 4 मार्च को दोपहर करीब 2 बजे जैसे ही पशुओं ने इस पाइपलाइन के वाल्व से पानी पिया, कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और कई पशु अचानक जमीन पर गिरने लगे। इससे पानी में किसी जहरीले पदार्थ के मिलने की आशंका जताई जा रही है।

कई पशुपालकों के पशुओं की हुई मौत

पीड़ित पशुपालक सतीश धातरवाल ने बताया कि उनकी अब तक करीब 20 भेड़ों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से ज्यादा भेड़ें बेहोशी की हालत में हैं। वहीं बागुंडी निवासी पोकरराम की 14 भेड़ों की मौत हो गई और 50 से अधिक भेड़ें बीमार बताई जा रही हैं। इसके अलावा ग्वाला निवासी विशनाराम की दो गायों की भी मौत हो चुकी है। लगातार पशुओं के मरने से पशुपालकों में चिंता और दुख का माहौल है।

पशु चिकित्सा टीम ने शुरू किया उपचार

घटना की सूचना मिलते ही पशुधन निरीक्षक मनोज कुमार यादव मौके पर पहुंचे और बीमार पशुओं का प्राथमिक उपचार शुरू किया। इसके बाद 1962 पशु हेल्पलाइन के माध्यम से पशु चिकित्सक डॉ. गणपत लाल डूडी भी मौके पर पहुंचे और उपचार किया। पशुओं को एट्रोपिन इंजेक्शन, लीवर टॉनिक और एंटीबायोटिक दवाएं दी गईं ताकि उनकी स्थिति में सुधार हो सके।

जहर का असर ज्यादा, कई पशुओं को नहीं बचाया जा सका

डॉक्टरों के अनुसार पानी में किसी जहरीले तत्व की मात्रा अधिक होने के कारण कई पशुओं को बचाया नहीं जा सका। फिलहाल बीमार पशुओं का लगातार इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।

जांच और मुआवजे की मांग

घटना के बाद स्थानीय पशुपालकों ने प्रशासन से पानी के नमूनों की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही पशुपालकों ने इस हादसे में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देने की भी मांग की है। प्रशासन और पशुपालन विभाग की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।