शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर हमला: ट्रेन में चाकू मारे, नाक काटने की कोशिश; बोले- जितना खून बहा, उसका बदला लेंगे..!!

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर POCSO के तहत नाबालिगों के यौन शोषण का केस दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की, वे टॉयलेट में छिपकर बच गए। आशुतोष ने साजिश का आरोप लगाया, जीआरपी प्रयागराज में FIR दर्ज।

Mar 8, 2026 - 16:37
शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर हमला: ट्रेन में चाकू मारे, नाक काटने की कोशिश; बोले- जितना खून बहा, उसका बदला लेंगे..!!

प्रयागराज, 8 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक बार फिर धार्मिक विवाद गहरा गया है। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर नाबालिगों के यौन शोषण (POCSO) का मुकदमा दर्ज कराने वाले संत आशुतोष ब्रह्मचारी (आशुतोष महाराज के नाम से भी प्रसिद्ध) पर रविवार सुबह रीवा एक्सप्रेस ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। हमलावर ने धारदार हथियार से उनके चेहरे पर कई वार किए और नाक काटने की कोशिश की। आशुतोष किसी तरह ट्रेन के टॉयलेट में छिपकर अपनी जान बचाने में सफल रहे और जीआरपी पुलिस को सूचना दी।

घटना का पूरा विवरण

आशुतोष ब्रह्मचारी शाकुंभरी पीठ (शामली) से प्रयागराज जा रहे थे। वे गाजियाबाद से रीवा एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में सवार हुए थे, क्योंकि उनका टिकट गाजियाबाद से था। ट्रेन जब फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच पहुंची, तब सुबह करीब 5 बजे एक अज्ञात हमलावर ने उन पर अचानक हमला कर दिया।आशुतोष के अनुसार, हमलावर ने धारदार हथियार (चाकू या इसी तरह का) से उनके चेहरे और हाथों पर कई वार किए। विशेष रूप से नाक काटने की कोशिश की गई। काफी खून बहा, लेकिन वे किसी तरह भागकर ट्रेन के टॉयलेट में घुस गए, दरवाजा बंद किया और मोबाइल से जीआरपी पुलिस को अलर्ट किया। ट्रेन प्रयागराज जंक्शन पहुंचने पर वे सीधे जीआरपी थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "हमलावर ने मेरी नाक काटने की पूरी कोशिश की। जितना खून बहा है, उसका बदला जरूर लेंगे। यह कोई सामान्य घटना नहीं है, बल्कि मेरे खिलाफ साजिश का हिस्सा लगता है।" उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके सहयोगियों पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया।आशुतोष को इलाज के लिए प्रयागराज के कोल्विन अस्पताल (मोतीलाल नेहरू जिला चिकित्सालय) ले जाया गया, जहां उनके घावों पर टांके लगाए गए। डॉक्टरों के अनुसार, चोटें गंभीर हैं लेकिन जान को खतरा नहीं रहा।

POCSO केस की पृष्ठभूमि और विवाद

यह हमला उस बड़े धार्मिक विवाद के बीच हुआ है, जिसमें आशुतोष ब्रह्मचारी ने फरवरी 2026 में प्रयागराज की स्पेशल POCSO कोर्ट में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ नाबालिग बच्चों के यौन शोषण का मुकदमा दायर किया था। आरोप था कि माघ मेला और महाकुंभ के दौरान गुरुकुल में बच्चों का शोषण किया गया। कोर्ट ने पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया था, जिसके बाद मामला दर्ज हुआ।शंकराचार्य ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है और इसे राजनीतिक व व्यक्तिगत साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि आशुतोष खुद कई आपराधिक मामलों में आरोपी रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फरवरी में शंकराचार्य को अंतरिम राहत दी थी, जिसके बाद आशुतोष ने जान को खतरा होने का दावा किया था। उन्होंने पहले भी अपने वाहन पर हमले और धमकियों की शिकायत की थी।

आशुतोष ने दावा किया कि हमले से पहले ही "नाक काटने" पर 21 लाख रुपये का इनाम घोषित करने जैसी अफवाहें फैलाई गई थीं।पुलिस जांच और प्रतिक्रियाप्रयागराज जीआरपी थाने में हत्या के प्रयास (धारा 307) सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने ट्रेन के सीसीटीवी फुटेज, यात्रियों से पूछताछ और अन्य सुरागों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। अभी तक हमलावर की पहचान नहीं हुई है।शंकराचार्य की ओर से अभी तक इस हमले पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि पहले के बयानों में उन्होंने ऐसे आरोपों को आधारहीन बताया था।

क्या कहते हैं जानकार?

यह घटना POCSO केस के बाद दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाती है। धार्मिक नेतृत्व और व्यक्तिगत विवाद अब हिंसा तक पहुंच गए हैं। पुलिस की जांच से ही सच्चाई सामने आएगी कि यह व्यक्तिगत दुश्मनी है या संगठित साजिश। फिलहाल प्रयागराज और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि कोई बड़ा विवाद न भड़के।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.