सेना के जवान मनजीत सिंह का हार्ट अटैक से निधन: प्रमोशन के बाद ट्रेनिंग के दौरान हुई दुखद घटना
श्रीगंगानगर के रेडबग्गी गांव के रहने वाले भारतीय सेना के जवान मनजीत सिंह (33) का प्रमोशन के बाद उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में ट्रेनिंग के दौरान हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे जम्मू-कश्मीर में पोस्टेड थे। उनके पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चे (7 व 2 वर्ष) रह गए हैं। आज शाम उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा।
श्रीगंगानगर (राजस्थान)। भारतीय सेना के बहादुर जवान मनजीत सिंह (उम्र 33 वर्ष) का प्रमोशन के बाद ट्रेनिंग के दौरान हार्ट अटैक से आकस्मिक निधन हो गया। वे मूल रूप से श्रीगंगानगर जिले के रेडबग्गी गांव के निवासी थे। उनके निधन की खबर जैसे ही परिवार और गांव वालों को मिली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। मनजीत सिंह एक कर्तव्यनिष्ठ सैनिक थे, जिनकी देशसेवा में अटूट आस्था थी।
घटना का विवरण जानकारी के अनुसार, मनजीत सिंह की पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में थी, जहां वे लंबे समय से अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। हाल ही में उनका प्रमोशन हुआ था, जिसके बाद उन्हें आगे की ट्रेनिंग के लिए उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर भेजा गया था। ट्रेनिंग के दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉक्टरों ने मौत का कारण हार्ट अटैक बताया।यह घटना युवा सैनिकों में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों की ओर इशारा करती है, जहां तनाव, कठिन ट्रेनिंग और बदलती जीवनशैली जैसे कारक अहम भूमिका निभा रहे हैं।
परिवार पर गहराया शोक मनजीत सिंह शादीशुदा थे और उनके पीछे उनकी पत्नी के अलावा दो छोटे बच्चे रह गए हैं – एक 7 वर्षीय और दूसरा मात्र 2 वर्षीय। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। छोटे बच्चों का भविष्य अब अनिश्चितता के साए में है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव वालों ने बताया कि मनजीत सिंह बेहद सरल और मिलनसार स्वभाव के थे। वे हमेशा परिवार की चिंता करते थे और छुट्टी मिलते ही गांव आकर सबकी मदद करते थे।
अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ जवान का पार्थिव शरीर सेना के सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव रेडबग्गी पहुंच चुका है। आज शाम 5 बजे गांव में ही पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। सेना के जवान उन्हें अंतिम सलामी देंगे, और गांव वाले बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंचेंगे।मनजीत सिंह जैसे बहादुर सैनिकों की शहादत देश की रक्षा के लिए प्रेरणा स्रोत है, भले ही उनकी मौत युद्धक्षेत्र में न हुई हो, बल्कि ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्य कारणों से। उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में ढेर सारी संवेदना। देश हमेशा उनके बलिदान को याद रखेगा।