जोधपुर में माहेश्वरी समाज के महाकुंभ (MGC-2026) में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का जोरदार संबोधन

जोधपुर में चल रहे माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन (MGC-2026) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज कभी जॉब सीकर नहीं रहा, बल्कि सदियों से जॉब क्रिएटर रहा है। उन्होंने समाज के भामाशाहों, राम मंदिर आंदोलन में बलिदान देने वाले दोनों भाइयों, सांस्कृतिक पुनर्जागरण में योगदान और तलवार-तराजू दोनों में निपुणता की प्रशंसा की। साथ ही देश को आगे ले जाने के लिए उत्पादन में विविधता, स्वदेशी और स्वभाषा के उपयोग का आह्वान किया।

Jan 10, 2026 - 13:11
जोधपुर में माहेश्वरी समाज के महाकुंभ (MGC-2026) में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का जोरदार संबोधन

9-11 जनवरी 2026 को जोधपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान में आयोजित महेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन (MGC-2026) में दुनिया भर से लगभग 40 हजार माहेश्वरी समाज के लोग शामिल हुए हैं। यह भव्य आयोजन 27 देशों से समाजबंधुओं को एक मंच पर लाया है। इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय महाधिवेशन में एक अस्थायी शहर बसाया गया है, जिसमें 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम पर 12 डोम बनाए गए हैं। कार्यक्रम में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।शनिवार (10 जनवरी 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस महाकुंभ में मुख्य अतिथि के रूप में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने माहेश्वरी समाज की ऐतिहासिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और देशसेवा में योगदान की जमकर प्रशंसा की।

अमित शाह के प्रमुख बयान और उद्धरण:

अमित शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज जॉब सीकर नहीं रहा, बल्कि सदियों से जॉब क्रिएटर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर समाज के दिए हुए भामाशाहों (दानवीरों और उद्योगपतियों) की सूची बनाई जाए, तो कई पेज भर जाएंगे।

उन्होंने एक दिलचस्प उदाहरण देते हुए बताया:

"राम मंदिर पर पुस्तक लिख रहा एक युवक मेरे पास आया। मैंने उससे पूछा कि तुम्हारे पास क्या जानकारी है? उसने बताया कि आजादी के बाद राम मंदिर के लिए सबसे पहले प्राणों की आहूति देने वाले दोनों भाई माहेश्वरी समाज से थे।"शाह ने आगे कहा कि देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण में भी माहेश्वरी समाज का योगदान बहुत बड़ा रहा है। उन्होंने माहेश्वरी समाज की बहुमुखी प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा:"माहेश्वरी समाज के हाथ में तलवार भी अच्छी लगती है और तराजू भी।"

उन्होंने समाज की वैश्विक पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश और विदेश में फैलने के बाद भी यह समाज अपने मूल से जुड़ा रहा है। माहेश्वरी समाज ने देश को जब जिस प्रकार की जरूरत पड़ी, उस प्रकार से खुद को प्रस्तुत किया है।

देश को आगे लाने के लिए अमित शाह के तीन सुझाव:

अमित शाह ने माहेश्वरी समाज से देश को हर क्षेत्र में सर्वप्रथम लाने के लिए तीन महत्वपूर्ण बातें कहीं:उत्पादन में विविधता — जो उत्पादन करते हैं, उसे जारी रखें, लेकिन साथ ही ऐसी चीजों का भी उत्पादन करें जो भारत में अभी नहीं बनती हैं। इससे आयात कम होगा और आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।स्वदेशी का संकल्प — जितना संभव हो, स्वदेशी चीजों का उपयोग करें। तय करें कि मेरे देश में बनी चीज का ही व्यापार करूंगा।स्वभाषा का सम्मान — स्वदेशी के साथ-साथ स्वभाषा का भी उपयोग करें।अमित शाह ने समापन में कहा कि ऐसे ही सदियों तक यह समाज देश की सेवा करता रहे।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.