अजमेर के सावर में बैंक ऑफ बड़ौदा की छत तोड़कर लॉकर रूम में सेंधमारी: बड़ी गैंग का शक, कटर-मशीनरी छोड़कर फरार हुए चोर
अजमेर के सावर में बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांच में चोरों ने छत तोड़कर लॉकर रूम में सेंध लगाई। इलेक्ट्रिक कटर से सरिए काटे और कई लॉकर तोड़कर कीमती सामान चुरा लिया। पुलिस को बड़ी संगठित गैंग का शक, सीसीटीवी और फॉरेंसिक जांच जारी। नकदी सुरक्षित, ग्राहकों को सूचित किया गया।
अजमेर जिले के सावर कस्बे में बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में चोरों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया है। चोरों ने बैंक की छत को तोड़कर अंदर घुसने का साहसिक प्रयास किया और लॉकर रूम को अपना मुख्य निशाना बनाया। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है, जबकि पुलिस इसे किसी संगठित और बड़ी गैंग की करतूत मान रही है।
घटना का विवरण
सावर के मुख्य चौराहे पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांच में चोरों ने पहले छत को तोड़ा। इसके बाद छत में लगे सरियों को इलेक्ट्रिक कटर और अन्य मशीनरी की मदद से काटा गया। इस प्रक्रिया में इस्तेमाल की गई कटर मशीन और अन्य उपकरण मौके पर ही छोड़ दिए गए, जो चोरों के जल्दबाजी में भागने का संकेत देते हैं। छत तोड़कर चोर लॉकर रूम तक पहुंचे और वहां मौजूद कई लॉकरों को तोड़कर उनमें रखे कीमती सामान चुरा लिया।
बैंक का मुख्य कैश काउंटर और नकदी पूरी तरह सुरक्षित रही है, लेकिन लॉकरों से सोना, चांदी, जेवरात या अन्य मूल्यवान वस्तुएं चोरी हुई हैं। इनकी सटीक मात्रा और मूल्य का पता तब ही लग पाएगा, जब प्रभावित लॉकर धारक बैंक पहुंचकर अपनी जांच करवाएंगे। बैंक प्रबंधन ने सभी संबंधित ग्राहकों को सूचित कर दिया है ताकि वे जल्द से जल्द बैंक आएं और नुकसान का आकलन किया जा सके।
वारदात का समय और तैयारी
पुलिस को शक है कि यह वारदात शनिवार या रविवार की रात को अंजाम दी गई, क्योंकि इन दिनों बैंक बंद रहता है और आसपास कम आवाजाही होती है। चोरों ने इस छुट्टी के मौके का फायदा उठाकर योजना बनाई। घटना के बाद चोर उपकरण छोड़कर फरार हो गए, जो दर्शाता है कि वे या तो दबाव में थे या पुलिस के आने से पहले भागना चाहते थे।
पुलिस जांच और बयान
घटना की सूचना मिलते ही सावर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। केकड़ी सीओ हर्षित शर्मा भी जांच के लिए मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आसपास के रास्तों और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को जब्त कर लिया है और संदिग्धों की पहचान के लिए उन्हें खंगाल रही है। फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया है, जो मौके से फिंगरप्रिंट, डीएनए और अन्य साक्ष्य जुटा रही है।
केकड़ी एडिशनल एसपी राजेश मील ने मीडिया को बताया कि जांच से स्पष्ट हो रहा है कि यह किसी बड़ी और संगठित गैंग का काम है। चोरों द्वारा मशीनरी और उपकरण छोड़ जाना भी इसकी पुष्टि करता है, क्योंकि सामान्य चोर इतने महंगे और भारी उपकरण नहीं छोड़ते। पुलिस विभिन्न एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही संदिग्धों तक पहुंचने की उम्मीद जता रही है।