अजमेर में महिला टीचर पर 45 लाख हड़पने का गंभीर आरोप: मकान बेचने के नाम पर धोखाधड़ी, झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी

अजमेर की सरकारी शिक्षिका मंजूलता श्रीवास्तव पर 250 गज का प्लॉट बेचने के नाम पर पुराने परिचित कुलदीप सिंह सोलंकी से 45 लाख रुपये हड़पने और झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित ने अलवर गेट थाने में धोखाधड़ी, विश्वासघात और धमकी की एफआईआर दर्ज कराई है। आरोपी फरार है, पुलिस जांच कर रही है।

Nov 22, 2025 - 11:16
अजमेर में महिला टीचर पर 45 लाख हड़पने का गंभीर आरोप: मकान बेचने के नाम पर धोखाधड़ी, झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी

अजमेर, 22 नवंबर 2025: राजस्थान के अजमेर शहर में एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला सरकारी शिक्षिका पर 45 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। यह घटना अलवर गेट थाना क्षेत्र के धोलाभाटा इलाके से जुड़ी हुई है, जहां पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। आरोपी महिला ने कथित तौर पर मकान बेचने के बहाने से पीड़ित दंपति को लंबे समय तक लटकाया और अंत में पैसे हड़पकर गायब हो गई। पीड़ित का दावा है कि महिला ने न केवल धोखा दिया, बल्कि झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित की शिकायत: पुरानी जान-पहचान का फायदा उठाया पीड़ित कुलदीप सिंह सोलंकी धोलाभाटा क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी मंजूलता श्रीवास्तव आदर्श नगर, अजमेर की रहने वाली एक सरकारी स्कूल शिक्षिका हैं। कुलदीप और मंजूलता के बीच लंबे समय से जान-पहचान थी, जिसका फायदा उठाकर महिला ने इस धोखाधड़ी की साजिश रची। लगभग डेढ़ वर्ष पहले, मंजूलता ने कुलदीप और उनकी पत्नी से संपर्क किया और अपने 250 वर्ग गज के मकान को बेचने की बात कही। मकान की कीमत को उन्होंने करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताई, जो आकर्षक लग रही थी। कुलदीप ने बताया, "मंजूलता ने कहा कि उसे तत्काल नकदी की जरूरत है, इसलिए वह मकान बेचना चाहती है। हमने भरोसा किया क्योंकि वह सरकारी नौकरी में थीं और हमारी जान-पहचान थी।" इसके बाद, महिला ने दस्तावेजों और कागजात दिखाकर सौदा पक्का करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। कुलदीप ने अपनी जमा-पूंजी और उधार लेकर धीरे-धीरे 45 लाख रुपये का भुगतान किया। इसमें से कुछ राशि नकद दी गई, तो कुछ बैंक ट्रांसफर के जरिए।

धोखे की परतें: लालच और धमकियों का जाल जांच के दौरान सामने आया कि मंजूलता ने कुलदीप को कई बार आश्वासन दिया कि सौदा जल्द ही पूरा हो जाएगा। उसने मकान के रजिस्ट्री के कागजात, नक्शे और अन्य दस्तावेज दिखाए, जो सब कुछ वैध लग रहे थे। लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, महिला बहाने बनाने लगी। कभी वकील की कमी का रोना, तो कभी रजिस्ट्री कार्यालय में देरी का हवाला। कुलदीप ने पैसे देने के बाद कई महीनों तक इंतजार किया, लेकिन मंजूलता ने सौदा पूरा करने के बजाय संपर्क तोड़ दिया।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जब कुलदीप ने पैसे वापस मांगने की कोशिश की, तो मंजूलता ने उल्टा धमकी दे डाली। पीड़ित के अनुसार, महिला ने कहा, "अगर तुमने शोर मचाया तो मैं तुम्हें और तुम्हारी पत्नी को झूठे मुकदमों में फंसा दूंगी। चोरी, जालसाजी या अन्य अपराधों के केस बनवा दूंगी।" यह धमकी कुलदीप के लिए मानसिक आघात साबित हुई। उन्होंने बताया, "हमने कभी सोचा नहीं था कि एक शिक्षिका, जो समाज को नैतिकता सिखाती है, ऐसी धोखेबाजी करेगी। हमारा पूरा परिवार आर्थिक रूप से टूट चुका है।"

पुलिस कार्रवाई: मुकदमा दर्ज, जांच तेज अलवर गेट थाने में कुलदीप सिंह सोलंकी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच में पाया कि आरोपी मंजूलता श्रीवास्तव ने वास्तव में मकान का मालिकाना हक था, लेकिन सौदा पूरा करने का कोई इरादा नहीं था। थाना प्रभारी ने बताया, "पीड़ित के बयान पर आधारित मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। बैंक रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि अन्य पीड़ित सामने आते हैं, तो जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा।"पुलिस ने आरोपी के घर पर छापा मारा, लेकिन वह फरार मिली। उसके फोन नंबर बंद हैं और सोशल मीडिया अकाउंट भी निष्क्रिय हो चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह मामला आर्थिक अपराधों की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहां जान-पहचान का फायदा उठाकर लोगों को लूटा जा रहा है।

 

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.