अंतरजातीय विवाह पर हनुमान बेनीवाल का बड़ा बयान: “मैं इसका समर्थन नहीं करता, बड़े लोग करेंगे तो समाज भी वही सीखेगा”
नागौर से सांसद और आरएलपी प्रमुख Hanuman Beniwal ने अंतरजातीय विवाह को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे ऐसे विवाह का समर्थन नहीं करते। उनके अनुसार समाज में बड़े और प्रभावशाली लोग जो करते हैं, उसका असर आम लोगों पर भी पड़ता है। इसलिए नेताओं को अपने आचरण में सामाजिक परंपराओं और मूल्यों का ध्यान रखना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
जयपुर।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रमुख और नागौर से सांसद Hanuman Beniwal ने अंतरजातीय विवाह को लेकर अपना स्पष्ट रुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि वे व्यक्तिगत रूप से अंतरजातीय विवाह का समर्थन नहीं करते हैं। उनका मानना है कि समाज में बड़े पदों पर बैठे लोगों और नेताओं के व्यवहार का सीधा प्रभाव आम जनता पर पड़ता है, इसलिए सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को अपने फैसलों में सामाजिक परंपराओं और मूल्यों का ध्यान रखना चाहिए।
नेताओं के आचरण से समाज प्रभावित होता है
बेनीवाल ने कहा कि समाज में नेता और प्रभावशाली लोग एक उदाहरण की तरह होते हैं। अगर बड़े लोग किसी नई परंपरा या चलन को अपनाते हैं तो समाज का एक बड़ा वर्ग उसी का अनुसरण करने लगता है। उन्होंने कहा कि इसी कारण नेताओं को अपने निजी और सामाजिक निर्णयों में जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
सामाजिक परंपराओं का सम्मान जरूरी
उन्होंने अपने बयान में यह भी कहा कि भारतीय समाज की अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराएं हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। बेनीवाल के अनुसार समाज में संतुलन और सामंजस्य बनाए रखने के लिए परंपराओं का सम्मान करना जरूरी है और किसी भी बदलाव को लेकर समाज की संवेदनशीलता को समझना चाहिए।
बयान के बाद शुरू हुई बहस
बेनीवाल के इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग उनके विचारों का समर्थन करते हुए इसे सामाजिक परंपराओं के पक्ष में बताया रहे हैं, वहीं कई लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आधुनिक सोच के खिलाफ मानकर आलोचना भी कर रहे हैं।
पहले भी कई मुद्दों पर खुलकर रखते रहे हैं राय
गौरतलब है कि Hanuman Beniwal अक्सर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं। उनके बयानों के कारण कई बार राजनीतिक बहस भी तेज हो जाती है।
फिलहाल, अंतरजातीय विवाह को लेकर दिया गया उनका यह बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक मंचों पर चर्चा का विषय बना हुआ है और अलग-अलग वर्ग अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।