ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत: अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में हुईं कई परिवारिक मौतें, IRGC ने 'सबसे खतरनाक हमले' की चेतावनी दी

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में हो गई है। ईरानी राज्य मीडिया ने इसकी पुष्टि की, जिसमें उनकी बेटी, दामाद, बहू और पोती भी मारे गए। IRGC ने 'इतिहास का सबसे खतरनाक हमला' करने की धमकी दी है। ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और सात दिन की छुट्टियां घोषित। ट्रम्प ने इसे 'न्याय' बताया और हमले जारी रखने की बात कही। स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण, क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ गया।

Mar 1, 2026 - 09:41
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत: अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले में हुईं कई परिवारिक मौतें, IRGC ने 'सबसे खतरनाक हमले' की चेतावनी दी

तेहरान/वाशिंगटन, 1 मार्च 2026: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर ने पूरे मध्य पूर्व को हिला कर रख दिया है। ईरानी राज्य मीडिया, जिसमें तस्नीम, फार्स न्यूज एजेंसी और सरकारी टीवी चैनल शामिल हैं, ने रविवार सुबह इसकी आधिकारिक पुष्टि की है। खामेनेई की मौत अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में हुई, जो शनिवार की सुबह शुरू हुए थे। हमले में तेहरान सहित ईरान के कई शहरों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।

ईरानी मीडिया के अनुसार, हमले में खामेनेई उनके कार्यालय या आधिकारिक निवास (लीडर हाउसहोल्ड) में मौजूद थे, जहां वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे थे। इस हमले में उनकी बेटी, दामाद (ससुर), बहू और पोती भी मारे गए। ईरानी राज्य मीडिया ने इन परिवारिक सदस्यों की मौत की भी पुष्टि की है, जिससे यह घटना और अधिक दुखद और व्यक्तिगत हो गई है।

ईरान में 40 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है, साथ ही सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियां भी घोषित की गई हैं। पूरे देश में शोक की लहर है, और राज्य टीवी पर खामेनेई की पुरानी तस्वीरें और भाषण दिखाए जा रहे हैं, जहां प्रस्तुतकर्ता भावुक होकर खबर पढ़ रहे हैं।

IRGC की धमकी: 'सबसे खतरनाक और उग्र हमला' जल्द

ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने खामेनेई की मौत पर गहरा दुख जताते हुए कड़ा रुख अपनाया है। फार्स न्यूज एजेंसी के हवाले से IRGC ने कहा है कि "हमने एक महान नेता खो दिया है, लेकिन उनका बलिदान हमें और मजबूत बनाएगा।" IRGC ने अमेरिका और इजराइल को "क्रूर हत्यारे" करार देते हुए "इतिहास का सबसे उग्र और खतरनाक आक्रामक अभियान" (most ferocious offensive operation in history) शुरू करने की घोषणा की है।

IRGC के बयान में कहा गया है कि यह हमला "कुछ ही देर में" शुरू होगा और अमेरिकी सैन्य ठिकानों, इजराइल के कब्जे वाले क्षेत्रों तथा क्षेत्रीय लक्ष्यों को निशाना बनाया जाएगा। ईरान ने पहले ही इजराइल पर मिसाइल हमले किए हैं, और अब बड़े पैमाने पर जवाबी कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।

ट्रम्प का बयान: "इतिहास का सबसे क्रूर व्यक्ति मारा गया"

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर खामेनेई की मौत की घोषणा की थी। उन्होंने लिखा, "इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक खामेनेई मारा गया है। यह ईरान की जनता, अमेरिका और दुनिया भर के लिए न्याय है। ईरानी लोगों के पास अब अपना देश वापस लेने का सबसे बड़ा मौका है।" ट्रम्प ने हमले को "मेजर कॉम्बैट ऑपरेशंस" बताया और कहा कि बमबारी जारी रहेगी।

इससे पहले इजराइल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइल साइटों और नेतृत्व के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए। इजराइली सूत्रों ने पुष्टि की कि हमले विशेष रूप से ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने के लिए डिजाइन किए गए थे।

क्षेत्रीय प्रभाव और दुनिया की प्रतिक्रिया

यह घटना मध्य पूर्व में अभूतपूर्व संकट पैदा कर सकती है। ईरान ने इजराइल और अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी हमले तेज कर दिए हैं, जिससे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और क्षेत्रीय हवाई यात्रा प्रभावित हो रही है। रूस और कुछ अन्य देशों ने हमलों की निंदा की है, जबकि सऊदी अरब जैसे देशों ने ईरान की जवाबी कार्रवाई को "आक्रामक" बताया है।

खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे और उन्होंने 37 साल तक देश पर कड़ा शासन चलाया। उनकी मौत के बाद उत्तराधिकार का सवाल उठ रहा है, क्योंकि कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी नहीं है। यह घटना ईरान की आंतरिक राजनीति और क्षेत्रीय स्थिरता पर लंबे समय तक असर डालेगी।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.