भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026': पाकिस्तान बॉर्डर पर 12,000 किलो बारूद से गूंजेगा आसमान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार 'प्रचंड' हेलिकॉप्टर में भरेंगी उड़ान

राजस्थान के पोकरण (जैसलमेर) में 27 फरवरी 2026 को भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' होगा, जिसमें 77 फाइटर जेट्स, 43 हेलीकॉप्टर और 12,000 किलो बारूद का इस्तेमाल होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार LCH 'प्रचंड' में उड़ान भरेंगी और अभ्यास का निरीक्षण करेंगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद रहेंगे। यह अभ्यास वायुसेना की सटीक मारक क्षमता, स्वदेशी हथियारों और रात-दिन ऑपरेशन की ताकत दिखाएगा, जो पाकिस्तान बॉर्डर के निकट सामरिक संदेश देगा।

Feb 26, 2026 - 14:39
भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026': पाकिस्तान बॉर्डर पर 12,000 किलो बारूद से गूंजेगा आसमान, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहली बार 'प्रचंड' हेलिकॉप्टर में भरेंगी उड़ान

राजस्थान के जैसलमेर जिले में स्थित पोकरण फील्ड फायरिंग रेंज (पाकिस्तान बॉर्डर के निकट) में भारतीय वायुसेना (IAF) का अब तक का सबसे भव्य और शक्तिशाली युद्धाभ्यास 'वायु शक्ति-2026' 27 फरवरी 2026 को आयोजित हो रहा है। यह अभ्यास भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता, सटीक प्रहार और स्वदेशी हथियारों की ताकत का दुनिया को स्पष्ट संदेश देगा।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की ऐतिहासिक भागीदारी

सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस युद्धाभ्यास की मुख्य अतिथि होंगी। वे 26 और 27 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर जैसलमेर पहुंची हैं। 27 फरवरी की सुबह वे स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर (LCH) 'प्रचंड' में सह-पायलट के रूप में उड़ान भरेंगी। यह पहली बार होगा जब कोई राष्ट्रपति जैसलमेर की सीमावर्ती एयरस्पेस में किसी लड़ाकू हेलिकॉप्टर में उड़ान भरकर युद्धाभ्यास क्षेत्र का हवाई निरीक्षण करेंगी।

उड़ान के बाद राष्ट्रपति वायुसेना स्टेशन पर अधिकारियों और जवानों से मिलेंगी तथा उनका मनोबल बढ़ाएंगी। शाम को वे पोकरण रेंज पहुंचेंगी, जहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में युद्धाभ्यास का मुख्य कार्यक्रम शुरू होगा।

राष्ट्रपति मुर्मू का विमानों से गहरा नाता रहा है। उन्होंने पहले सुखोई-30 MKI (8 अप्रैल 2023, तेजपुर बेस, असम) और राफेल (29 अक्टूबर 2025, अंबाला) में उड़ान भरी थी, जिससे वे दो अलग-अलग फाइटर जेट्स में उड़ान भरने वाली देश की पहली राष्ट्रपति बनीं। इससे पहले प्रतिभा पाटिल ने भी सुखोई में उड़ान भरी थी।

युद्धाभ्यास की भव्यता और ताकत

'वायु शक्ति-2026' में भारतीय वायुसेना अपनी पूरी मारक क्षमता का प्रदर्शन करेगी। मुख्य विशेषताएं:77 फाइटर जेट्स और 43 हेलिकॉप्टर तैनात रहेंगे, जो एक साथ उड़ान भरकर कई मोर्चों पर एक साथ कार्रवाई की क्षमता दिखाएंगे।राफेल, सुखोई-30 MKI, अपाचे, प्रचंड जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म हिस्सा लेंगे।C-130J सुपर हरक्यूलिस विमान 'गरुड़ कमांडो' को वॉर-जोन में उतारेंगे।कुल 12,000 किलो बारूद (लगभग 277 हथियारों के साथ) का इस्तेमाल होगा, जो अभ्यास की विशालता को दर्शाता है।

दिन, शाम और रात के समय सटीक निशानेबाजी, लंबी दूरी के प्रिसिजन स्ट्राइक, मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस और स्वदेशी हथियारों (Make in India) का प्रदर्शन होगा।24 फरवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल हो चुकी है, जिसमें आसमान से आग बरसी और जमीन कांपी।यह अभ्यास अंधेरे में भी सटीक प्रहार करने की क्षमता दिखाएगा और दुनिया को भारत की वायु शक्ति का मजबूत संदेश देगा। जैसलमेर क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं, चांधन से पोकरण तक 'नो फ्लाई जोन' घोषित किया गया है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.