उदयपुर में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का सनसनीखेज मामला: कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सहित तीन गिरफ्तार

राजस्थान के उदयपुर जिले के ऋषभदेव क्षेत्र में कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल सहित तीन लोगों को राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार कर उसे पकाने की तैयारी में पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपियों में एक हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है, जो रूपलाल के खेत पर नॉनवेज पार्टी कर रहे थे। वन विभाग ने शिकार की पुष्टि की है।

Dec 22, 2025 - 15:27
उदयपुर में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शिकार का सनसनीखेज मामला: कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सहित तीन गिरफ्तार

राजस्थान के उदयपुर जिले में राष्ट्रीय पक्षी मोर के अवैध शिकार और उसे पकाकर खाने की तैयारी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कांग्रेस पार्टी के एक ब्लॉक अध्यक्ष भी शामिल हैं। यह घटना रविवार देर शाम ऋषभदेव थाना क्षेत्र के बीलख गांव में हुई, जहां आरोपियों ने एक खेत पर मोर का शिकार कर उसे पकाने की योजना बनाई थी।

घटना का विवरण ऋषभदेव थानाधिकारी हेमंत अहारी के अनुसार, रविवार शाम को एक मुखबीर से सूचना मिली कि बीलख गांव में किसी खेत पर संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। सूचना पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां पहुंचकर पुलिस ने देखा कि तीन व्यक्ति मोर को मार चुके थे और उसके मांस को पकाकर खाने की तैयारी कर रहे थे। मौके पर मोर का शव और पकाने की सामग्री बरामद हुई।यह खेत कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष रूपलाल (उम्र 45 वर्ष) का बताया जा रहा है। रूपलाल के साथ मौजूद अन्य दो आरोपी हैं:अर्जुन मीणा (उम्र 55 वर्ष) – जो एक हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ पुलिस रिकॉर्ड में 50 से अधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से 16 से ज्यादा मामले केवल राजस्थान में हैं, जिनमें चोरी, लूट, मारपीट जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।राकेश मीणा (उम्र 38 वर्ष) – रूपलाल का दोस्त।पुलिस ने तुरंत तीनों को गिरफ्तार कर लिया। खेत में एक कमरा बना हुआ है, जहां ये लोग इकट्ठा होकर नॉनवेज पार्टी कर रहे थे। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने नॉनवेज पार्टी के लिए ही मोर का शिकार किया था और उसके मांस को पकाकर वहीं खाने का इरादा था।

वन विभाग की भूमिका और पुष्टि पुलिस की सूचना पर वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने सैंपलिंग की और मोर के शिकार की आधिकारिक पुष्टि की। मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत इसका शिकार करना गंभीर अपराध है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है।

आगे की कार्रवाई सोमवार को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी ताकि पूछताछ जारी रखी जा सके। मामले की जांच जारी है और आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के साथ-साथ अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना न केवल पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण के लिए चिंताजनक है, बल्कि एक राजनीतिक पद पर आसीन व्यक्ति की संलिप्तता से राजनीतिक हलकों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। राष्ट्रीय पक्षी के शिकार जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग अक्सर उठती रही है, और यह मामला उस दिशा में एक उदाहरण बन सकता है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.