बीकानेर हादसे के बाद खुला खौफनाक राज: स्कूटर की डिग्गी से निकली 70 करोड़ की हेरोइन, ड्रोन कनेक्शन ने उड़ाए होश
एक मामूली सड़क हादसा… और सामने आ गया अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क का चौंकाने वाला सच। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आ रही थी हेरोइन, जयपुर से जुड़े सप्लायर गिरफ्तार—पूरी कहानी जानकर रह जाएंगे हैरान।
बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर जिले में पुलिस ने एक बेहद संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले ड्रग तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। खाजूवाला थाना पुलिस ने “ऑपरेशन नीलकंठ” के तहत कार्रवाई करते हुए इस नेटवर्क से जुड़े दो अहम सप्लायरों को जयपुर से गिरफ्तार किया है। ये आरोपी पाकिस्तान सीमा पार से ड्रोन के जरिए भेजी जा रही हेरोइन की खेप को रिसीव कर मुख्य सरगना तक पहुंचाने का काम करते थे।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का संचालन बेहद सुनियोजित तरीके से किया जा रहा था। सीमा पार बैठे तस्कर ड्रोन के जरिए भारतीय सीमा में हेरोइन गिराते थे, जिसके बाद गिरोह के सदस्य तय लोकेशन पर पहुंचकर उसे उठाते और आगे सप्लाई चैन के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाते थे।
जयपुर से पकड़े गए सप्लायर, बड़े नेटवर्क का हिस्सा
वृताधिकारी अमरजीत चावला ने बताया कि एनडीपीएस एक्ट और बीएनएस के तहत दर्ज मामले में पुलिस ने जयपुर से दो आरोपियों—राहुल पुत्र संतोष और प्रशांत कन्याल पुत्र मोहन सिंह कन्याल—को डिटेन कर पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया। दोनों मूल रूप से ग्वालियर के निवासी हैं, लेकिन फिलहाल जयपुर के जवाहर नगर क्षेत्र में रह रहे थे और यहीं से नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे।
थानाधिकारी सुरेंद्र प्रजापत के अनुसार, ये दोनों आरोपी मुख्य सरगना राकेश प्रजापत के करीबी सहयोगी हैं और लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय थे।
ड्रोन के जरिए होती थी हेरोइन की तस्करी
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह पाकिस्तान में बैठे तस्करों से सीधा संपर्क बनाए हुए था। ड्रोन के माध्यम से रात के समय सीमा पार से हेरोइन की खेप भारतीय इलाके में गिराई जाती थी। इसके बाद आरोपी खेतों या सुनसान इलाकों में जाकर उस खेप को उठाते और उसे सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचाते थे।
पुलिस ने बताया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य संदीप पहले भी खाजूवाला बॉर्डर क्षेत्र में ड्रोन से आई हेरोइन को उठाकर सप्लाई कर चुका है। इससे यह साफ होता है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और लगातार बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा था।
जेल में बना नेटवर्क, बाहर आकर फिर शुरू किया धंधा
इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड राकेश प्रजापत फिलहाल फरार है। पुलिस जांच में सामने आया है कि राकेश पहले पंजाब की एक जेल में बंद था। वहीं उसने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करों से संपर्क स्थापित किया और बाहर आने के बाद उसी नेटवर्क के जरिए तस्करी का काम दोबारा शुरू कर दिया।
राकेश प्रजापत पर राजस्थान और पंजाब में पहले से ही करीब सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस को आशंका है कि उसका नेटवर्क सिर्फ सीमावर्ती इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि दिल्ली और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों तक फैला हो सकता है।
सड़क हादसे से खुला राज, 14 किलो हेरोइन बरामद
इस पूरे मामले का खुलासा एक सड़क हादसे के बाद हुआ। 22 अप्रैल को बीकानेर की पूगल रोड पर एक स्कूटर सवार नीलगाय के अचानक सामने आ जाने से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जब पुलिस मौके पर पहुंची और स्कूटर की तलाशी ली, तो उसकी डिग्गी से 14 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 70 करोड़ रुपए आंकी गई।
घायल स्कूटर सवार की पहचान खेताराम मेघवाल के रूप में हुई, जो इस नेटवर्क का हिस्सा निकला। फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इसी घटना के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की और पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
अब बड़े खुलासों की तैयारी में पुलिस
गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है और पुलिस इस नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हुई है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं और कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी संभव है।
यह कार्रवाई न सिर्फ बीकानेर पुलिस के लिए बड़ी सफलता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के खिलाफ एक अहम कदम भी मानी जा रही है।