70 करोड़ की हेरोइन का खुलासा: बीकानेर हादसे से बेनकाब हुआ अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क, सरगना फरार
बीकानेर में सड़क हादसे के बाद 14 किलो हेरोइन बरामद होने से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ, मुख्य आरोपी फरार।
राजस्थान के बीकानेर जिले में एक साधारण सड़क हादसा उस वक्त बड़े खुलासे में बदल गया, जब घायल युवक की स्कूटी से 14 किलो हेरोइन बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जिसकी कीमत करीब 70 करोड़ रुपए आंकी गई है। इस बरामदगी ने राजस्थान से लेकर पंजाब की जेल तक फैले एक बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।
घटना पूगल थाना क्षेत्र की है, जहां 22 अप्रैल की सुबह एक युवक सड़क पर घायल अवस्था में मिला। प्रारंभिक तौर पर इसे सामान्य दुर्घटना माना गया, लेकिन जब पुलिस स्कूटी को थाने लेकर आई और उसकी तलाशी ली गई, तो डिक्की से 27 पैकेट्स में भरी हेरोइन बरामद हुई। घायल युवक की पहचान पाली निवासी 22 वर्षीय खेताराम मेघवाल के रूप में हुई है, जो फिलहाल बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में भर्ती है और अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है।
जांच के दौरान सामने आया कि यह मामला सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराई गई हेरोइन की खेप से जुड़ा हो सकता है। पुलिस को पहले ही 20-21 अप्रैल की रात सीमावर्ती इलाके में ड्रॉपिंग का इनपुट मिला था। आशंका है कि खाजूवाला और पूगल बॉर्डर क्षेत्र का इस्तेमाल इस नेटवर्क द्वारा किया जा रहा था।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने जयपुर से कैटरिंग का काम करने वाले राहुल रावत और प्रशांत कयाल को हिरासत में लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी मुख्य सरगना राकेश प्रजापत के लिए डिलीवरी एजेंट के रूप में काम कर रहे थे और पहले भी ड्रोन से गिराई गई हेरोइन की खेप आगे पहुंचा चुके हैं।
मुख्य आरोपी राकेश प्रजापत, जो पाली जिले का निवासी है, फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह पहले पंजाब की जेल में रह चुका है, जहां उसकी पहचान पाकिस्तान से जुड़े ड्रग नेटवर्क के लोगों से हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद उसने इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू कर दी।
पुलिस को यह भी संदेह है कि तस्करी के लिए स्थानीय लोगों की मदद ली जा रही थी, ताकि शक से बचा जा सके। एक स्थानीय व्यक्ति की स्कूटी का इस्तेमाल भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इस नेटवर्क को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया।
बीकानेर एसपी मृदुल कच्छावा के अनुसार, मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और कुछ संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया जाएगा। वहीं, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी इस मामले में सक्रिय हो गई हैं।
यह मामला न सिर्फ ड्रग तस्करी के बढ़ते नेटवर्क की गंभीरता को दर्शाता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि अंतरराष्ट्रीय गिरोह अब नई तकनीकों जैसे ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिलहाल, सभी की नजर मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क के खुलासे पर टिकी हुई है।