टोंक में नकली सोने की ठगी का बड़ा खुलासा: ठग तांत्रिक ने खुद दबाया था रहस्यमयी घड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार, 5 किलो से अधिक नकली सोना जब्त
राजस्थान के टोंक जिले में खुद को तांत्रिक और अघोरी बताने वाले मुकेश मीणा और उसके साथी अभिषेक मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों नकली सोने की ईंटें और बिस्किट बनाकर लोगों को ठगते थे। चारागाह में मिला रहस्यमयी घड़ा भी इन्होंने ठगी के लिए पहले से दबाया था। पुलिस ने 5 किलो 242 ग्राम नकली सोना जब्त किया है। आरोपी सरकारी कर्मचारियों और प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाते थे और तंत्र-मंत्र का ड्रामा करके लालच देते थे।
राजस्थान के टोंक जिले में एक सनसनीखेज ठगी का मामला सामने आया है, जहां खुद को तांत्रिक और अघोरी बताने वाला एक शख्स लोगों को जमीन में गड़े खजाने का लालच देकर ठगता था। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से कुल 5 किलो 242 ग्राम नकली सोना (पीतल और तांबे से बनी ईंटें और बिस्किट) बरामद हुआ है। जांच में पता चला है कि गांव में खुदाई के दौरान मिला रहस्यमयी घड़ा कोई प्राचीन खजाना नहीं था, बल्कि आरोपियों ने खुद ठगी के लिए पहले से जमीन में दबाया था।
घटना की शुरुआत: चारागाह में मिला पुराना घड़ा यह पूरा मामला टोंक जिले के निवाई क्षेत्र के सींदड़ा गांव की देवरी ढाणी का है। 3 दिसंबर (शनिवार) को गांव के एक चारागाह वाली जमीन पर पूजा-अर्चना का सामान बिखरा मिला। स्थानीय लोगों को शक हुआ कि यहां कोई पुराना खजाना गड़ा हुआ है। इसकी सूचना पर मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने जेसीबी मशीन से खुदाई करवाई।लगभग आधे घंटे की खुदाई के बाद जमीन से एक बड़ा धातु का घड़ा निकला। यह घड़ा करीब 100-150 किलो वजनी, 2 फीट ऊंचा और डेढ़ फीट चौड़ा था। घड़े में सोने जैसी चमकदार धातु के टुकड़े मिले, जिससे लोगों में खजाने की चर्चा जोर पकड़ गई। लेकिन पुलिस जांच में यह साबित हो गया कि यह सब ठगी का हिस्सा था। घड़े में रखी सोने की ईंटें और बिस्किट जैसी वस्तुएं असल में पीतल और तांबे की नकली थीं।
पुलिस को मिली गुप्त सूचना, आरोपियों की गिरफ्तारी 4 जनवरी की रात करीब 11:25 बजे झिलाई बायपास पुलिया पर गश्त कर रही पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि जयपुर से टोंक जाने वाली सड़क की निर्माणाधीन सर्विस रोड पर एक कार में दो युवक बैठे हैं, जो नकली सोने को असली बताकर बेचने की फिराक में हैं।पुलिस ने तुरंत कार को घेर लिया और पूछताछ शुरू की। कार में बैठे युवकों ने अपने नाम मुकेश मीणा (32 वर्ष, पुत्र तेजाराम मीणा) और अभिषेक मीणा (24 वर्ष, पुत्र कैलाश मीणा) बताए। दोनों मूल रूप से टोंक के सींदड़ा गांव की जयनारायण मीणा की ढाणी के रहने वाले हैं, लेकिन फिलहाल जयपुर के प्रताप नगर स्थित नील कंठ महादेव मंदिर के पास रहते हैं।पूछताछ के दौरान दोनों युवक बार-बार अपनी जैकेट की जेबों में हाथ डाल रहे थे, जिससे पुलिस को शक हुआ। तलाशी लेने पर मुकेश मीणा की दाहिनी जेब से एक पीतल की ईंट (2 किलो 515 ग्राम) और बायीं जेब से दो ढली (505 ग्राम और 500 ग्राम) तथा एक बिस्किट (97 ग्राम) मिले। वहीं अभिषेक मीणा की जेब से तीन ढली (511 ग्राम, 504 ग्राम और 510 ग्राम) तथा एक बिस्किट (100 ग्राम) बरामद हुई। कुल मिलाकर पुलिस ने 5 किलो 242 ग्राम नकली सोना जब्त किया। दोनों की कार भी जब्त कर ली गई।
ठगी का तरीका: तंत्र-मंत्र का नाटक और लालच का जाल पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे लोगों को असली सोना सस्ते दामों में देने का झांसा देकर ठगते थे। मुकेश मीणा खुद को 'तत्काल अघोरी महाराज' बताता था और तंत्र-मंत्र से जमीन में गड़ा धन निकालने का दावा करता था।उनका तरीका बेहद शातिराना था:सबसे पहले सरकारी कर्मचारियों या प्रतिष्ठित लोगों को निशाना बनाते थे, ताकि ठगी के बाद बदनामी के डर से वे शिकायत न करें।पीड़ित से लालच देकर पहले मोटी रकम वसूलते।फिर पहले से तय जगह पर घड़ा या नकली सोना दबाकर रखते।तंत्र-मंत्र का ड्रामा करके घड़ा निकालते और पीड़ित को सौंप देते।पीड़ित को 20 दिन तक घड़े को बिना खोले विशेष तांत्रिक क्रियाएं करने की सलाह देते।जब पीड़ित जांच कराता और नकली निकलता, तो आरोपी कहते कि "तुमने क्रिया ठीक से नहीं की, इसलिए सोना पीतल बन गया" और बच निकलते।निवाई डीएसपी रवि प्रकाश शर्मा और टोंक डीएसटी प्रभारी ओम प्रकाश चौधरी ने बताया कि चारागाह में मिला घड़ा भी इन्हीं आरोपियों ने ठगी के लिए दबाया था। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन दोनों ने अब तक कितने लोगों को ठगा है और कितनी वारदातें की हैं।