सोना, नकद और मुफ्त सिलेंडर: क्या विजय के घोषणापत्र से बदल जाएगी तमिलनाडु की किस्मत? रुझानों में TVK की जबरदस्त बढ़त
क्या तमिलनाडु की राजनीति में खत्म होने जा रहा है द्रविड़ मुनेत्र कषगम और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम का दबदबा? 105 सीटों पर बढ़त के साथ विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम ने छेड़ दी है सियासी हलचल—आखिर क्या है इस ‘थलपति लहर’ का राज?
तमिलनाडु की राजनीति में साल 2026 का चुनाव एक ऐतिहासिक मोड़ बनता दिख रहा है। दशकों से राज्य की सत्ता पर काबिज रही द्रविड़ मुनेत्र कषगम और अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम जैसी दिग्गज पार्टियों के बीच इस बार एक नए खिलाड़ी ने जबरदस्त एंट्री की है।
अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम ने 234 में से 105 सीटों पर बढ़त बनाकर राज्य की राजनीति को पूरी तरह हिला दिया है। यह सिर्फ चुनावी प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
घोषणापत्र बना गेमचेंजर
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार TVK की सफलता के पीछे उसका 95 पन्नों का विस्तृत घोषणापत्र सबसे बड़ा कारण है। इस घोषणापत्र में युवाओं, महिलाओं और किसानों को केंद्र में रखकर योजनाएं बनाई गईं, जिसने सीधे जनता से जुड़ाव स्थापित किया।
‘तिरुक्कुरल’ से प्रेरित राजनीति
विजय ने अपनी राजनीति को तमिल के प्राचीन ग्रंथ तिरुक्कुरल के सिद्धांतों—सद्गुण, धन और आनंद—पर आधारित बताया।
उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार पारदर्शिता, ईमानदारी और जवाबदेही के साथ काम करेगी, जो पारंपरिक राजनीति से अलग मॉडल पेश करती है।
महिलाओं के लिए बड़े वादे
TVK के घोषणापत्र में महिलाओं के लिए कई आकर्षक योजनाएं शामिल थीं:
हर महीने ₹2,500 की आर्थिक सहायता
साल में 6 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर
विवाह पर सोने का सिक्का और सिल्क साड़ी
नवजात की मां को सोने की अंगूठी
बेटियों की शिक्षा के लिए ₹15,000 वार्षिक सहायता
महिला सुरक्षा के लिए अलग विभाग और फास्ट-ट्रैक कोर्ट
इन योजनाओं ने महिला मतदाताओं को बड़े पैमाने पर प्रभावित किया।
युवाओं पर फोकस: रोजगार और आर्थिक सहारा
युवाओं के लिए TVK ने रोजगार और आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दी:
₹20 लाख तक का बिना गारंटी एजुकेशन लोन
ग्रेजुएट्स को ₹4,000 और डिप्लोमा धारकों को ₹2,500 मासिक बेरोजगारी भत्ता
“सीएम पीपल सर्विस एसोसिएट” योजना के तहत 5 लाख नौकरियां
स्थानीय युवाओं को 75% रोजगार देने वाली कंपनियों को विशेष छूट
इससे पहली बार वोट देने वाले और बेरोजगार युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
किसानों के लिए ‘मास्टरस्ट्रोक’
कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए TVK ने कई बड़े वादे किए:
छोटे किसानों का 100% और बड़े किसानों का 50% कर्ज माफ
धान और गन्ने के लिए MSP की कानूनी गारंटी
खेतिहर मजदूरों और बटाईदारों को ₹10,000 की सहायता
इन घोषणाओं ने ग्रामीण वोट बैंक को मजबूती से TVK के पक्ष में खड़ा किया।
राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव
तमिलनाडु में लंबे समय से चली आ रही द्विदलीय राजनीति को इस चुनाव ने चुनौती दी है। तमिलगा वेत्री कड़गम की एंट्री ने यह साफ कर दिया है कि राज्य की जनता अब नए विकल्पों के लिए तैयार है।
अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह दक्षिण भारतीय राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो सकती है।