श्रीगंगानगर सेंट्रल जेल में कैदी की संदिग्ध मौत: हार्ट अटैक की आशंका, कंबल में लिपटा मिला शव

श्रीगंगानगर सेंट्रल जेल में एनडीपीएस मामले में बंद 36 वर्षीय कैदी इंद्रजीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शाम को खाना खाकर सोए कैदी सुबह हाजिरी में कंबल में लिपटा मृत मिला। प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक की आशंका है, लेकिन पोस्टमॉर्टम से कारण स्पष्ट होगा। न्यायिक मजिस्ट्रेट जांच कर रहे हैं। जेल में हाल ही में 2-3 अन्य कैदियों की भी संदिग्ध मौतें हुई हैं।

Jan 10, 2026 - 15:43
श्रीगंगानगर सेंट्रल जेल में कैदी की संदिग्ध मौत: हार्ट अटैक की आशंका, कंबल में लिपटा मिला शव

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले की सेंट्रल जेल में एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने जेल प्रशासन और स्थानीय पुलिस में हड़कंप मचा दिया है। मृतक कैदी की पहचान इंद्रजीत सिंह (उम्र 36 वर्ष) के रूप में हुई है, जो साधुवाली गांव, श्रीगंगानगर का निवासी था। वह एनडीपीएस एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट) के एक मामले में जेल में बंद था।

घटना का विवरण

घटना की जानकारी के अनुसार, यह मामला गुरुवार (9 जनवरी 2026 या आसपास) की शाम का है। इंद्रजीत सिंह ने शाम को नियमित रूप से जेल में खाना खाया और फिर बैरक में सोने चले गए। लेकिन अगले दिन सुबह हाजिरी (मॉर्निंग रोल कॉल) के दौरान जब कैदियों को जागने के लिए कहा गया, तो उन्होंने देखा कि इंद्रजीत सिंह कंबल में पूरी तरह लिपटा हुआ पड़ा है और उसकी कोई हलचल नहीं है।

जेल स्टाफ ने तुरंत जांच की और पाया कि कैदी की मौत हो चुकी है। इस खबर से पूरे जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। जेल प्रशासन ने तत्काल शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।

मौत का संभावित कारण

प्रारंभिक जांच और डॉक्टरों की राय के अनुसार, कैदी की मौत हार्ट अटैक (दिल का दौरा) से होने की प्रबल आशंका जताई जा रही है। हालांकि, मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आधिकारिक तौर पर मौत का कारण स्पष्ट होगा।

पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाली थानाप्रभारी पृथ्वीपाल सिंह ने बताया कि मामले की जांच न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा की जाएगी। यह प्रक्रिया जेल में होने वाली संदिग्ध मौतों के लिए मानक प्रोटोकॉल है, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या अन्य संभावित कारणों की जांच हो सके।

परिजनों को तुरंत सूचना दे दी गई है और पुलिस उनकी मौजूदगी में आगे की कार्रवाई कर रही है।

जेल में बढ़ती संदिग्ध मौतों की चिंता

यह घटना चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि श्रीगंगानगर जेल में बीते कुछ दिनों में दो-तीन अन्य कैदियों की भी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। इनमें से कुछ कैदियों को इलाज के लिए बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। इन मौतों के सटीक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।

ऐसी घटनाएं जेलों में कैदियों के स्वास्थ्य, चिकित्सा सुविधाओं और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं। जेल प्रशासन ने इन मामलों पर जांच शुरू की है, लेकिन कई बार ऐसी मौतें हार्ट अटैक, अचानक तबीयत बिगड़ने या अन्य प्राकृतिक कारणों से जुड़ी होती हैं।