बाड़मेर के प्रधान डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ता पहुंचा मौके पर
10 मार्च 2026 को राजस्थान के बाड़मेर में प्रधान डाकघर (मुख्य डाकघर) को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिली, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी मिलते ही पुलिस ने तुरंत मौके पर डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते (बम स्क्वॉड) बुलाए, कर्मचारियों को बाहर निकाला और सघन तलाशी अभियान चलाया। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला, जिससे यह धमकी फर्जी साबित हुई। यह घटना पिछले दिन बाड़मेर कोर्ट को मिली धमकी के बाद लगातार सरकारी संस्थानों पर बढ़ती धमकियों की कड़ी है। साइबर सेल ने धमकी भेजने वाले ई-मेल की जांच शुरू कर दी है और दोषी के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया है। स्थानीय स्तर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
बाड़मेर, 10 मार्च 2026: राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गई हैं। आज सुबह मुख्य डाकघर (प्रधान डाकघर) को बम से उड़ाने की गंभीर धमकी मिली, जिसके बाद तत्काल मौके पर पुलिस, डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते (बम स्क्वॉड) की टीमें पहुंच गईं। धमकी मिलते ही परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा के मद्देनजर इलाके को खाली कराया गया।
धमकी एक ई-मेल के माध्यम से प्राप्त हुई, जिसमें स्पष्ट रूप से प्रधान डाकघर को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। यह घटना पिछले कुछ दिनों में बाड़मेर में मिली लगातार धमकियों की श्रृंखला में नवीनतम है। इससे पहले 9 मार्च को जिला न्यायालय परिसर को इसी तरह की बम धमकी मिली थी, जिसमें ड्रोन से बम गिराने का जिक्र था और अजमल कसाब का नाम लिया गया था। उस धमकी के बाद भी कोर्ट परिसर खाली कराया गया था और सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कुछ संदिग्ध नहीं मिला। इसी तरह दिसंबर 2025 में भी कलेक्ट्रेट को धमकी मिल चुकी है।
आज की घटना में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में डॉग स्क्वॉड ने स्निफर डॉग्स की मदद से परिसर की छानबीन की, जबकि बम निरोधक दस्ते ने संभावित विस्फोटक सामग्री की तलाश की। गहन जांच के बाद फिलहाल कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक नहीं मिला है, जिससे यह धमकी फर्जी साबित होने की ओर इशारा करती है। हालांकि, पुलिस ने पूरे परिसर को सुरक्षित घोषित करने से पहले कई घंटों तक सतर्कता बरती।
स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है, क्योंकि बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिले में ऐसी धमकियां सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर मानी जाती हैं। साइबर क्राइम सेल सक्रिय हो गई है और धमकी भेजने वाले ई-मेल की आईपी ट्रेसिंग तथा प्रेषक की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।