सोना-चांदी में भारी गिरावट! 8 दिन में ₹10हज़ार सस्ता हुआ सोना.
रिकॉर्ड हाई से लुढ़का सोना-चांदी! आज सोना ₹1,913 और चांदी ₹1,631 सस्ती। ८ दिनों में सोना ₹10,420, चांदी ₹25,830 नीचे। वजह? अमेरिका-चीन ट्रेड डील की उम्मीद ,डॉलर की ताकत ,मुनाफावसूली का तूफान.
नई दिल्ली: दीपावली की चमक बरकरार है, लेकिन सोना-चांदी के दामों ने बाजार को चौंका दिया है। रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद इन कीमती धातुओं में जोरदार गिरावट ने निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। आज, 28 अक्टूबर 2025 को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 24 कैरेट सोने की कीमत 1,913 रुपये लुढ़ककर 1,19,164 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई। कल यानी 27 अक्टूबर को यह 1,21,077 रुपये पर थी। उधर, चांदी में 1,631 रुपये की तेज गिरावट दर्ज हुई और यह 1,43,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर सेटल हुई, जो कल के 1,45,031 रुपये के स्तर से काफी नीचे है।
यह गिरावट किसी एक दिन की नहीं, बल्कि लगातार आठ दिनों की सिलसिला है। 19 अक्टूबर को सोना अपने जीवनकाल के उच्चतम स्तर 1,29,584 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा था, लेकिन अब तक यह 10,420 रुपये सस्ता हो चुका है। चांदी का हाल तो और भी बुरा है – 1,69,230 रुपये प्रति किलो के टॉप से यह 25,830 रुपये नीचे आ चुकी है। कुल मिलाकर, सोना अपने ऑल-टाइम हाई से 11,600 रुपये तक सस्ता हो गया है, जबकि चांदी में 27,800 रुपये की गिरावट नजर आ रही है। MCX (मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज) पर भी वैसा ही ट्रेंड दिख रहा है – सोना 1,27,633 रुपये से गिरकर 1,21,077 रुपये पर आया, तो चांदी 1,63,050 रुपये से 1,45,031 रुपये पर सिमट गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 0.33% गिरकर 3,991 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, जबकि चांदी 46.02 डॉलर पर है।
हाई से लुढ़काव: दो महीने की रफ्तार रुकी, अब क्या होगा?
पिछले दो महीनों में सोना-चांदी ने रिकॉर्ड तोड़ते हुए निवेशकों को मालामाल बनाया था। 2025 में सोने ने अब तक 53% का शानदार रिटर्न दिया, जो सेंट्रल बैंकों की खरीदारी, भू-राजनीतिक तनाव और ब्याज दर कटौती की उम्मीदों से फंडा था। लेकिन अब ताबड़तोड़ मुनाफावसूली ने ब्रेक लगा दिया। COMEX गोल्ड ने नौ हफ्तों की तेजी का सिलसिला तोड़ दिया और 3% से ज्यादा गिर गया। घरेलू बाजार में भी सोना 1,17,000 रुपये के मजबूत सपोर्ट लेवल के आसपास घूम रहा है, जबकि 1,24,000 रुपये पर रेजिस्टेंस दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतें अब सीमित दायरे में रहेंगी – न ज्यादा तेजी, न भारी गिरावट।
गिरावट के पीछे 3 प्रमुख कारण:
ट्रेड पीस से डॉलर की ताकत तकएक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह गिरावट वैश्विक और घरेलू फैक्टर्स का मिश्रण है। यहां तीन मुख्य वजहें हैं जो बाजार को नीचे खींच रही हैं:
अमेरिका-चीन ट्रेड टेंशन में कमी के संकेत: सोना-चांदी को 'सेफ-हेवन' एसेट माना जाता है, यानी वैश्विक अनिश्चितता बढ़ने पर इनकी मांग चढ़ जाती है। लेकिन मलेशिया में हुई दो दिवसीय चर्चाओं में अमेरिका-चीन के बीच व्यापार समझौते पर प्रारंभिक सहमति की खबर ने टेंशन कम कर दिया। साउथ कोरिया में होने वाली ट्रंप-जिनपिंग मीटिंग से पहले निवेशक सतर्क हैं, जिससे डिमांड गिरी।
मजबूत अमेरिकी डॉलर और मुनाफावसूली का दबाव: डॉलर इंडेक्स में तेजी ने गोल्ड की चमक फीकी कर दी। रिकॉर्ड हाई पर पहुंचते ही निवेशकों ने भारी मुनाफा काटा, जिससे कीमतें 11% (सोना) और 16% (चांदी) तक लुढ़क गईं। इसके अलावा, शेयर बाजार की तेजी ने फंड्स को कीमती धातुओं से हटाकर इक्विटी में शिफ्ट कर दिया।
सेंट्रल बैंकों की नीतियां और आय रिपोर्ट्स का इंतजार: बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर फैसलों पर है। अगर फेड उम्मीद से कम कटौती का संकेत देता है, तो डॉलर और मजबूत हो सकता है, जो सोने पर अतिरिक्त दबाव डालेगा। साथ ही, बड़ी आईटी कंपनियों की कमाई रिपोर्ट्स भी बाजार को हिला सकती हैं।
एक्सपर्ट्स की राय: खरीदें या इंतजार करें? चार दिग्गजों की सलाहयह गिरावट अवसर है या जाल?
चार प्रमुख एक्सपर्ट्स ने अपनी राय रखी है, जो निवेशकों के लिए गाइड साबित हो सकती है:
देवेया गगलानी (एक्सिस सिक्योरिटीज, सीनियर रिसर्च एनालिस्ट - कमोडिटीज): "ट्रेड टेंशन कम होने से सेफ-हेवन डिमांड घटी है। लेकिन घरेलू बाजार में सोना 1,17,000 पर सपोर्टेड है। जल्दबाजी न करें, इंतजार करें और बाजार को देखें। उतार-चढ़ाव सीमित रहेंगे।"
दर्शन देसाई (एस्पेक्ट बुलियन एंड रिफाइनरी, सीईओ): "अमेरिका-चीन समझौते और मजबूत डॉलर ने डिमांड को कमजोर किया। यह हफ्ता क्रूशियल है – ट्रंप-जिनपिंग मीटिंग, फेड पॉलिसी और आईटी रिपोर्ट्स पर नजर रखें। अगर पॉजिटिव न्यूज आई, तो और गिरावट संभव। निवेशक वोलेटाइलिटी के लिए तैयार रहें।"
अक्षा कंबोज (IBJA, वाइस प्रेसिडेंट): "सोना अभी भी सेफ-हेवन है, लेकिन ट्रेंड सतर्क। चांदी 1.40 लाख के आसपास है। क्लियर सिग्नल्स का इंतजार करें – गिरावट के बावजूद लॉन्ग-टर्म में पोटेंशियल बरकरार।"
बाजार विशेषज्ञ (मनीकंट्रोल एनालिसिस): "गिरावट के बावजूद 2025 में सोने का 53% रिटर्न शानदार है। छोटे निवेशक सिस्टमैटिक तरीके से खरीदें, लेकिन ग्लोबल फैक्टर्स पर नजर रखें। आगे 11% और गिरावट की गुंजाइश, लेकिन रिकवरी भी तेज हो सकती है।"
अवसर या सावधानी का समय?
सोना-चांदी की यह गिरावट दीपावली के बाद शादी-ब्याह के मौसम में राहत लेकर आई है, लेकिन एक्सपर्ट्स चेतावनी दे रहे हैं – जल्दबाजी न करें। अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं, तो मौजूदा स्तर पर SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) स्टाइल में खरीदारी शुरू कर सकते हैं। लेकिन शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को फेड मीटिंग और ट्रेड न्यूज का इंतजार करना चाहिए। याद रखें, कीमती धातुएं हमेशा अनिश्चितता की दोस्त रहती हैं – अगला उछाल कब आएगा, कोई नहीं जानता!