सीकर: स्कूल बस की टक्कर से बुजुर्ग मजदूर की दर्दनाक मौत, 5 महीनों से काम की तलाश में राजस्थान में बसे थे
सीकर में आकाशदीप स्कूल बस की टक्कर से मध्य प्रदेश के 60 वर्षीय मजदूर धुरया अहिरवार की मौत, 5 महीने से सीकर में रहकर काम कर रहे थे; पुलिस जांच जारी।
सीकर (राजस्थान), 7 नवंबर 2025:
राजस्थान के सीकर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने स्थानीय लोगों में सनसनी फैला दी है। सदर थाना क्षेत्र के मालियों की ढाणी इलाके में गुरुवार सुबह एक स्कूल बस की तेज रफ्तार से बुजुर्ग मजदूर को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही गंभीर चोटें लग गईं। घायल अवस्था में उन्हें सीकर के जिला मुख्यालय स्थित एसके अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी दर्दनाक मौत हो गई। मृतक मध्य प्रदेश के निवासी थे और पिछले पांच महीनों से सीकर में मजदूरी का काम करने के लिए रह रहे थे। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
हादसे का पूरा विवरण; घटना गुरुवार सुबह करीब 8 बजे की है, जब मृतक बुजुर्ग अपने दैनिक काम पर जा रहे थे। सदर थाना क्षेत्र के मालियों की ढाणी के पास आकाशदीप स्कूल बस (नंबर उपलब्ध नहीं) तेज गति से आ रही थी। चालक का कथित तौर पर वाहन पर नियंत्रण खोना या लापरवाही से हादसा हुआ, जिसमें बस ने बुजुर्ग मजदूर को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बुजुर्ग सड़क पर गिर पड़े और उन्हें गंभीर चोटें आईं। आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें नजदीकी एसके अस्पताल ले गए।अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत को गंभीर बताते हुए प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन चोटों की गंभीरता के कारण बुजुर्ग को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई, जो परिवार और स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ा सदमा बन गई। डॉक्टरों के अनुसार, सिर और छाती पर लगी चोटें जानलेवा साबित हुईं।
मृतक की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि; मृतक का नाम धुरया अहिरवार (उम्र 60 वर्ष) है, जो गोटूराम अहिरवार के पुत्र हैं। वे मूल रूप से मध्य प्रदेश के मोतीपुर गांव के निवासी हैं। परिवार के अनुसार, धुरया अहिरवार पिछले पांच महीनों से सीकर में मजदूरी का काम करने के लिए आए हुए थे। वे सदर थाना इलाके के मालियों की ढाणी में अस्थायी रूप से रह रहे थे और रोजाना निर्माण स्थलों या अन्य मजदूरी के काम पर जाते थे। बुजुर्ग की मेहनत परिवार का सहारा थी, और वे अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए दूर दराज में काम करने को मजबूर थे।मृतक के बड़े बेटे जानकी लाल अहिरवार ने बताया, "पिताजी सुबह काम पर जा रहे थे। वे हमेशा समय पर निकलते थे और कभी लापरवाही नहीं बरतते थे। बस चालक ने गाड़ी का नियंत्रण नहीं रखा, वरना यह हादसा न होता। हम मध्य प्रदेश से हैं, लेकिन सीकर में काम की तलाश में वे यहां बसे थे। अब परिवार पर क्या गुजरेगी, सोचकर ही कलेजा मुंह को आता है।" जानकी लाल ने पुलिस से दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार ने बताया कि धुरया के अलावा उनके दो अन्य बेटे और एक बेटी हैं, जो मध्य प्रदेश में ही रहते हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच; पुलिस को सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने हादसे वाली जगह का मुआयना किया और आकाशदीप स्कूल बस को जब्त कर लिया। बस चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही उजागर हुई है, लेकिन विस्तृत जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। शव को एसके अस्पताल के मोर्चरी में रखा गया, जहां पोस्टमॉर्टम करवाया गया। रिपोर्ट आने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।सीकर एसपी (अनुमानित) ने बताया कि मामला सड़क हादसों के दायरे में आता है, लेकिन यदि चालक की गंभीर लापरवाही पाई गई तो आईपीसी की धारा 304ए (लापरवाही से मौत) के तहत केस दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगालने शुरू कर दिए हैं ताकि हादसे के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। साथ ही, स्कूल प्रशासन से भी बस के रखरखाव और चालक के लाइसेंस की जानकारी मांगी गई है।