बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन, चेन्नई में ली अंतिम सांस

बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का चेन्नई में हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के इलाज के लिए वहां गए थे। 8वीं पास शिवरतन ने अपने विजन और मेहनत से बीकाजी को एक छोटे व्यवसाय से इंटरनेशनल ब्रांड बनाया।

Apr 23, 2026 - 13:20
बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन, चेन्नई में ली अंतिम सांस

देश के प्रसिद्ध स्नैक ब्रांड बीकाजी के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर शिवरतन अग्रवाल का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे 74 वर्ष के थे। जानकारी के अनुसार, उन्हें अचानक हार्ट अटैक आया, जिसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

बताया जा रहा है कि शिवरतन अग्रवाल अपनी पत्नी के इलाज के सिलसिले में पिछले करीब 10 दिनों से चेन्नई में ही ठहरे हुए थे। उनकी पत्नी का हाल ही में हार्ट बायपास सर्जरी हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। इसी कारण पूरा परिवार चेन्नई में एक होटल में ठहरा हुआ था।गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे शिवरतन अग्रवाल को अचानक असहजता महसूस हुई। उनकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

शिवरतन अग्रवाल राजस्थान के बीकानेर शहर के सार्दुलगंज क्षेत्र के निवासी थे और उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष और नवाचार के दम पर एक छोटे कारोबार को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

छोटे स्तर से शुरू हुआ बड़ा सफर

शिवरतन अग्रवाल ने साल 1993 में बीकानेर में बीकाजी ब्रांड की स्थापना की। हालांकि उनकी कारोबारी यात्रा इससे पहले ही शुरू हो चुकी थी। साल 1986 में पारिवारिक व्यवसाय से अलग होने के बाद उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट्स’ के नाम से भुजिया बनाने का काम शुरू किया।

अपने दम पर कुछ अलग करने की सोच के साथ उन्होंने बीकानेर में नई पहचान बनाने की ठानी। इसी सोच का परिणाम था ‘बीकाजी’ ब्रांड, जो आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी भारतीय स्वाद का प्रतिनिधित्व करता है।

नाम के पीछे की सोच

ब्रांड का नाम ‘बीकाजी’ बीकानेर शहर के संस्थापक राव बीका के नाम पर रखा गया। शिवरतन चाहते थे कि उनका ब्रांड भारतीय परंपरा और स्थानीय पहचान से जुड़ा रहे, साथ ही लोगों को आसानी से याद भी रहे।

कम पढ़ाई, लेकिन बड़ा विजन

सिर्फ 8वीं कक्षा तक पढ़े शिवरतन अग्रवाल ने अपने क्रिएटिव विजन और बिजनेस समझ के दम पर एक बड़ी कंपनी खड़ी कर दी। उन्होंने समय से आगे सोचते हुए भुजिया निर्माण में मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया, जो उस समय एक क्रांतिकारी कदम माना गया।

जहां पहले भुजिया पूरी तरह हाथों से बनाई जाती थी, वहीं शिवरतन ने मशीन आधारित उत्पादन की शुरुआत की। इससे न केवल उत्पादन क्षमता बढ़ी, बल्कि गुणवत्ता और पैकेजिंग में भी सुधार हुआ।

आज इंटरनेशनल ब्रांड बना बीकाजी

बीकाजी आज भारत के प्रमुख स्नैक ब्रांड्स में शामिल है और इसके उत्पाद कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। कंपनी ने क्वालिटी, पैकेजिंग और टेस्ट के अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर अपनी अलग पहचान बनाई है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.