तेज गर्मी के बीच बड़ा फैसला: स्कूलों का बदला टाइम, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

भीषण गर्मी और हीटवेव के बीच प्रशासन ने स्कूलों का समय बदल दिया है, लेकिन इस फैसले के पीछे की वजह जानकर आप चौंक जाएंगे।

Apr 22, 2026 - 17:13
तेज गर्मी के बीच बड़ा फैसला: स्कूलों का बदला टाइम, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

जयपुर में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के हित में बड़ा और अहम फैसला लिया है। अब जयपुर जिले के सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक संचालित होंगे। यह नई समय-सारणी 27 अप्रैल से लागू होगी।

यह बदलाव प्री-प्राइमरी से लेकर 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों पर लागू रहेगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम बच्चों को तेज धूप, लू और हीटवेव के खतरनाक असर से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।

जिला कलेक्टर संदेश नायक ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी भी दी है कि यदि किसी स्कूल द्वारा नियमों की अवहेलना की गई तो उसके खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बढ़ती गर्मी ने बढ़ाई चिंता

राजस्थान में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर है। चित्तौड़गढ़ में जहां सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, वहीं बाड़मेर में रातें भी बेहद गर्म रहीं। राज्य के 10 से अधिक जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आमजन के साथ-साथ बच्चों की परेशानी भी बढ़ गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, आने वाले 4–5 दिनों तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में लगभग 2 डिग्री तक और वृद्धि हो सकती है। 23 से 25 अप्रैल के बीच कई जिलों में हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की गई है। वहीं जोधपुर संभाग में तेज आंधी चलने की संभावना भी जताई गई है।

 जयपुर में हालात गंभीर

राजधानी जयपुर में दिनभर तेज धूप और उमस लोगों को परेशान कर रही है। सुबह से ही गर्म हवाएं चलने लगती हैं और दोपहर में हालात और कठिन हो जाते हैं। रात के समय भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है।

पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों—जैसे भरतपुर, धौलपुर, अलवर, कोटा, बीकानेर और श्रीगंगानगर—में तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने का अनुमान है।

ऐसे में प्रशासन का यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया एक राहतभरा कदम माना जा रहा है।

Kashish Sain Bringing truth from the ground