राजस्थान में आसमान से बरस रही आग? 20 जिलों में येलो अलर्ट, तापमान बढ़ने से हालात और बिगड़ने के आसार
पारा 43°C के पार, 20 जिलों में येलो अलर्ट और धूलभरी आंधी की चेतावनी… राजस्थान में मौसम अब किस बड़े बदलाव की ओर बढ़ रहा है?
राजस्थान इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है और मौसम ने एक बार फिर खतरनाक रुख अपना लिया है। राज्य के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। श्रीगंगानगर में बुधवार को अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन के सबसे ऊंचे तापमानों में से एक रहा।
मौसम केंद्र, जयपुर के अनुसार चित्तौड़गढ़ में 42.6 डिग्री, चूरू में 42.4 डिग्री और कोटा में 42.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी गर्मी का असर साफ दिखाई दे रहा है।
तापमान में और बढ़ोतरी की चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका मतलब है कि कई जिलों में हालात और ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
20 जिलों में येलो अलर्ट
IMD ने राजस्थान के लगभग 20 जिलों में लू (Heatwave) को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इनमें भरतपुर, धौलपुर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, बाड़मेर, कोटा सहित कई जिले शामिल हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
धूलभरी आंधी की भी चेतावनी
जोधपुर और आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। इससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है और सड़क यातायात पर भी असर पड़ सकता है।
स्कूलों के समय में बदलाव
भीषण गर्मी को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा के लिए बड़ा फैसला लिया है। जयपुर में कक्षा प्री-प्राइमरी से 8वीं तक के स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक कर दिया गया है। यह आदेश 27 अप्रैल से लागू होगा।
लगातार बढ़ती गर्मी से जनजीवन प्रभावित
राजस्थान में बढ़ती गर्मी ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखा जा रहा है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामले भी बढ़ने लगे हैं।
मौसम का अगला रुख क्या होगा?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी और तेज हो सकती है और लू का असर और अधिक जिलों में फैल सकता है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सख्त जरूरत है।
राजस्थान में मौसम का यह ‘यू-टर्न’ अब राहत की बजाय चुनौती बनता जा रहा है, और आने वाले दिन और भी कठिन हो सकते हैं।