सीकर की 17 साल की नाबालिग लड़की से दिल्ली ले जाकर रेप का सनसनीखेज मामला
राजस्थान के सीकर जिले में एक 17 साल की नाबालिग लड़की को उसका परिचित युवक मिलने के बहाने घर के पास बुलाकर गाड़ी में दिल्ली ले गया। वहां उसने नाबालिग के साथ बलात्कार किया और धमकी देकर 20 दिसंबर को घर के पास छोड़ दिया। घर लौटने पर लड़की ने गुमसुम रहने के बाद परिजनों को आपबीती बताई, जिसके बाद पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने POCSO एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान के सीकर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 17 साल की नाबालिग लड़की को मिलने के बहाने बुलाकर दिल्ली ले जाया गया और उसके साथ बलात्कार किया गया। यह मामला दिसंबर 2025 के मध्य का है, जिसमें आरोपी ने पीड़िता का परिचित होने का फायदा उठाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी या उसके नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना की पूरी जानकारी:पीड़िता का परिवार: पीड़िता अपने पिता के साथ वर्तमान में सीकर में रह रही है। परिवार मूल रूप से दूसरे स्थान से हो सकता है, लेकिन फिलहाल सीकर में निवास कर रहा है।18 दिसंबर की घटना: आरोपी युवक, जो नाबालिग लड़की का परिचित है, ने मिलने के बहाने उसे घर के पास बुलाया। लड़की जैसे ही बाहर आई, आरोपी उसे गाड़ी में बैठाकर सीधे दिल्ली ले गया।दिल्ली में अपराध: दिल्ली पहुंचकर आरोपी ने नाबालिग के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए, यानी बलात्कार किया। यह घटना दिल्ली में कहीं हुई, लेकिन सटीक स्थान की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं है।20 दिसंबर को वापसी: दो दिन बाद, 20 दिसंबर को आरोपी ने पीड़िता को वापस सीकर में उसके घर के पास छोड़ दिया।पीड़िता की हालत: घर लौटने के बाद नाबालिग लड़की काफी समय तक गुमसुम और डरी हुई रही। उसने शुरुआत में कुछ नहीं बताया, क्योंकि आरोपी ने उसे घटना के बारे में किसी को बताने पर गंभीर परिणामों की धमकी दी थी।परिजनों को पता चलना: जब परिवार वालों ने बार-बार पूछताछ की, तो आखिरकार पीड़िता ने अपनी पूरी आपबीती सुनाई। इससे परिवार में हड़कंप मच गया।पुलिस में शिकायत: पीड़िता के पिता ने तुरंत स्थानीय पुलिस थाने में जाकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में पूरी घटना का वर्णन किया गया, जिसमें अपहरण, दिल्ली ले जाना, बलात्कार और धमकी देने का जिक्र है।
कानूनी कार्रवाई:पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट (POCSON Act - बच्चों से यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम) के तहत मुकदमा दर्ज किया है, क्योंकि पीड़िता नाबालिग है। जांच चल रही है, जिसमें आरोपी की पहचान, उसकी गिरफ्तारी और घटना के सबूत जुटाए जा रहे हैं। चूंकि मामला अंतर-राज्यीय है (राजस्थान से दिल्ली), इसलिए दिल्ली पुलिस के साथ भी समन्वय की जरूरत पड़ सकती है।
सामाजिक और सुरक्षा पहलू:यह घटना एक बार फिर नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। आरोपी का परिचित होना इस मामले को और भी गंभीर बनाता है, क्योंकि अक्सर ऐसे अपराध जान-पहचान वालों द्वारा ही किए जाते हैं। परिवारों को सलाह दी जाती है कि बच्चों के साथ आने-जाने और सोशल संपर्कों पर नजर रखें। साथ ही, ऐसी घटनाओं में तुरंत पुलिस से संपर्क करना जरूरी है, ताकि आरोपी को सजा मिल सके।