SI भर्ती परीक्षा 2025 पेपर लीक पर सख्ती, डमी कैंडिडेट पर लगेगा ब्रेक—RPSC का ‘अभेद्य सुरक्षा चक्र’ तैयार...

राजस्थान लोक सेवा आयोग की SI भर्ती परीक्षा 2025 को लेकर राज्य सरकार ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। 5-6 अप्रैल को होने वाली परीक्षा में 7.70 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे। 1174 केंद्रों पर वीडियोग्राफी, फ्लाइंग स्क्वॉड, बायोमेट्रिक जांच और QR कोड सिस्टम लागू रहेगा। पेपर लीक और डमी कैंडिडेट रोकने के लिए SOG-ATS की निगरानी और हाई-सिक्योरिटी व्यवस्था की गई है।

Mar 18, 2026 - 19:05
SI भर्ती परीक्षा 2025 पेपर लीक पर सख्ती, डमी कैंडिडेट पर लगेगा ब्रेक—RPSC का ‘अभेद्य सुरक्षा चक्र’ तैयार...

राजस्थान में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होने वाली उप-निरीक्षक (SI) भर्ती परीक्षा-2025 को लेकर राज्य सरकार ने इस बार अभूतपूर्व सख्ती दिखाई है। 5 और 6 अप्रैल को होने वाली इस बड़ी परीक्षा में करीब 7.70 लाख अभ्यर्थी शामिल होंगे, जिसके लिए पूरे प्रदेश के 41 शहरों में 1174 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत एक मजबूत और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है, ताकि परीक्षा पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो सके।

हर केंद्र पर सख्त सुरक्षा व्यवस्था

परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। हर गतिविधि की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत पकड़ा जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में फ्लाइंग स्क्वॉड लगातार औचक निरीक्षण करेंगे।

इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास 100 मीटर के दायरे में आने वाले साइबर कैफे और ई-मित्र केंद्रों को पूरी तरह बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे किसी भी तरह की डिजिटल धोखाधड़ी को रोका जा सके।

 डमी कैंडिडेट और नकल पर डिजिटल रोक

डमी अभ्यर्थियों की समस्या को खत्म करने के लिए इस बार तकनीक का सहारा लिया गया है। सभी एडमिट कार्ड QR कोड आधारित होंगे, जिससे तुरंत पहचान सत्यापन हो सकेगा।

परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, फोटो मिलान और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। इस मल्टी-लेयर्ड सिस्टम से किसी और के स्थान पर परीक्षा देने की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी।

प्रश्नपत्रों की सुरक्षा पर विशेष फोकस

पेपर लीक की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रश्नपत्रों के भंडारण और परिवहन को बेहद सुरक्षित बनाया गया है। सभी पेपर हाई सिक्योरिटी स्ट्रांग रूम में रखे जाएंगे और उनकी निगरानी पुलिस की कड़ी सुरक्षा में होगी।

इस संबंध में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि पूरे सिस्टम पर सख्त नजर रखी जाए।

संदिग्धों पर पहले से निगरानी

स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और एंटी टेररिस्ट स्क्वाड की टीमें पहले से सक्रिय हैं। पुराने पेपर लीक मामलों से जुड़े संदिग्धों की पहचान कर उन पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि परीक्षा के दौरान कोई भी साजिश सफल न हो सके।

पिछली गलतियों से सीख, इस बार सख्त रुख

बैठक में RPSC अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पिछली परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों से सीख लेकर इस बार हर नियम का कड़ाई से पालन किया जाएगा। पर्यवेक्षी अधिकारियों की नियुक्ति भी पूरी सतर्कता के साथ की जा रही है।

डीजीपी ने इस परीक्षा को राज्य की सबसे संवेदनशील परीक्षाओं में से एक बताते हुए सभी विभागों को पूरी जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं।

राजस्थान सरकार इस बार SI भर्ती परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। कड़ी सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और एजेंसियों की सक्रियता से साफ है कि पेपर लीक और नकल माफियाओं के लिए इस बार रास्ता आसान नहीं होगा