स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर कारें सस्ते में देने के नाम पर करोड़ों की ठगी: तकनीकी सहयोगी रजनीश कुमार गिरफ्तार
राजस्थान के जोधपुर में बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी ने सस्ती स्कॉर्पियो और फॉर्च्यूनर कारें देने व क्रिप्टो निवेश का लालच देकर 251 लोगों से 15 करोड़ और हजारों लोगों से क्रिप्टो के नाम पर करीब 5 करोड़ रुपये की ठगी की। फर्जी वेबसाइट और ऐप बनाने वाले तकनीकी सहयोगी रजनीश कुमार को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी पहले ही जेल में हैं।
राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) ने एक बड़े ठगी के नेटवर्क में तकनीकी सहायता प्रदान करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह मामला महिंद्रा स्कॉर्पियो और टोयोटा फॉर्च्यूनर जैसी महंगी गाड़ियां कम कीमत पर देने का लालच देकर लोगों को ठगने से जुड़ा है। साथ ही, क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर भी बड़ी रकम की धोखाधड़ी की गई थी।
मुख्य आरोपी और ठगी का तरीका मुख्य आरोपी बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी (जोधपुर जिले के भोपालगढ़ क्षेत्र का निवासी) ने फर्जी कंपनियां बनाकर लोगों को लुभावने ऑफर दिए। उसने 'हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड' नाम की कंपनी खोली और सोशल मीडिया पर प्रचार किया कि निवेश करने वालों को:5.90 लाख रुपये में स्कॉर्पियो कार,12 लाख रुपये में फॉर्च्यूनर कार दी जाएगी। इसके अलावा, जोधपुर के भोपालगढ़ में एक तथाकथित 'डबल सेंचुरी रिवॉर्ड सेरेमनी' का आयोजन किया गया, जिसमें 250 लोगों को स्कॉर्पियो कारें देने का झांसा दिया गया। इस लालच में 251 लोगों से करीब 15 करोड़ रुपये ठग लिए गए। कुल मिलाकर, प्रिंस सैनी और उसके साथियों ने विभिन्न फर्जी योजनाओं से 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की।
क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा आरोपियों ने harvestusdt.com नाम की फर्जी वेबसाइट बनवाई। इस पर:मात्र 250 रुपये में आईडी बनवाकर लोगों को जोड़ा गया।करीब 82 हजार लोगों से जुड़वाकर डिजिटल करेंसी 'एचवीटी' में निवेश का लालच दिया।2360 रुपये प्रति आईडी के हिसाब से 336 ट्रांजेक्शन से 2 करोड़ 20 लाख रुपये से अधिक इकट्ठा किए।कुल क्रिप्टो निवेश के नाम पर लगभग 4.92 करोड़ रुपये की ठगी की गई।
तकनीकी सहयोगी की गिरफ्तारी एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) विशाल बंसल ने बताया कि ठगी के इस नेटवर्क को तकनीकी आधार देने वाले आरोपी रजनीश कुमार (37 वर्ष) को उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के रुड़की से गिरफ्तार किया गया। रजनीश:फर्जी वेबसाइट्स बनाता था।डिजिटल करेंसी और मोबाइल ऐप्स तैयार करता था।ठगी के पूरे नेटवर्क को तकनीकी सपोर्ट प्रदान करता था।रजनीश को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 3 जनवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
पहले की गिरफ्तारियां और ठगी की रकम का उपयोग मुख्य आरोपी प्रिंस सैनी उर्फ बंशीलाल और उसके तीन साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।ठगी की रकम से आरोपियों ने व्यक्तिगत विलासिता पर खर्च किया, जैसे महंगे वाहन खरीदे और अन्य लग्जरी चीजें।पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी भागने की फिराक में थे, क्योंकि उनके बैंक खातों में मात्र 2.5 लाख रुपये बचे थे।
जांच की स्थिति एसओजी की टीम ठगी की पूरी रकम की रिकवरी, क्रिप्टो/डिजिटल करेंसी की डिटेल्स और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश में जुटी है। यह मामला साइबर ठगी, फर्जी कंपनियों और लुभावने ऑफर्स के जरिए लोगों को ठगने का एक बड़ा उदाहरण है।पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे लुभावने ऑफर्स से सावधान रहें और किसी भी निवेश से पहले कंपनी की वैधता जांचें। यदि कोई ठगी का शिकार हों तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।