सद्गुरु श्री पांचाराम जी महाराज: शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में करोड़ों का उदार दान, भारत के प्रथम संत दाता के रूप में प्रसिद्ध

सद्गुरु श्री पांचाराम जी महाराज ने राजस्थान के मूंडवा (तेजास्थली) स्थित वीर तेजा शिक्षण एवं शोध संस्थान में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये का दान घोषित किया। इससे पहले मेडता, सोजत सहित अन्य स्थानों पर 9 करोड़ से अधिक दान दे चुके महाराज जी का कुल योगदान अब 12 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। वे भारत के उन पहले संतों में से एक माने जा रहे हैं जो शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में करोड़ों का उदार दान कर समाज उत्थान में योगदान दे रहे हैं।

Jan 12, 2026 - 16:28
सद्गुरु श्री पांचाराम जी महाराज: शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा में करोड़ों का उदार दान, भारत के प्रथम संत दाता के रूप में प्रसिद्ध

राजस्थान के मूंडवा (तेजास्थली) में स्थित वीर तेजा शिक्षण एवं शोध संस्थान को एक बार फिर से बड़े स्तर पर आर्थिक सहायता मिली है। सद्गुरु श्री पांचाराम जी महाराज ने इस संस्थान में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के निर्माण हेतु 3 करोड़ रुपये का दान घोषित किया है। यह दान महाराज जी की उदारता और समाज सेवा की भावना का एक और जीवंत उदाहरण है, जो उन्हें भारत के उन चुनिंदा संतों में शामिल करता है जो करोड़ों रुपये की राशि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से दान कर रहे हैं।

दान की घोषणा और उद्देश्य

मूंडवा में वीर तेजा शिक्षण एवं शोध संस्थान पहले से ही शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। यहां अब मेडिकल कॉलेज के निर्माण की योजना चल रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा। सद्गुरु श्री पांचाराम जी महाराज ने इस परियोजना को मजबूती प्रदान करने के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि दान में देने की घोषणा की। यह राशि संस्थान की बुनियादी ढांचा विकास, सुविधाओं और मेडिकल शिक्षा के विस्तार में उपयोग की जाएगी।

महाराज जी का मानना है कि शिक्षा और स्वास्थ्य ही समाज की नींव हैं। ग्रामीण इलाकों में मेडिकल कॉलेज स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह दान न केवल संस्थान के लिए वरदान सिद्ध होगा, बल्कि हजारों लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में सहायक बनेगा।

पहले दिए गए दान: कुल योगदान 12 करोड़ से अधिक

सद्गुरु श्री पांचाराम जी महाराज इससे पहले भी कई स्थानों पर उदार दान दे चुके हैं। विभिन्न रिपोर्टों और जानकारी के अनुसार:मेडता में शिक्षा और अन्य सेवा कार्यों के लिए करोड़ों की सहायता।सोजत सहित अन्य क्षेत्रों में भी संस्थानों और सामाजिक कार्यों हेतु दान।कुल मिलाकर महाराज जी द्वारा अब तक 9 करोड़ रुपये से अधिक का दान विभिन्न स्थानों पर दिया जा चुका है।

इस नवीनतम 3 करोड़ के दान के साथ उनका कुल योगदान 12 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। यह आंकड़ा उन्हें उन विरले संतों की श्रेणी में लाता है जो करोड़ों के दान से समाज की सेवा कर रहे हैं और भारत में पहले ऐसे संत के रूप में पहचाने जा रहे हैं।

संत परंपरा और भावपूर्ण संदेश

महाराज जी की यह उदारता भारतीय संत परंपरा की याद दिलाती है, जहां दान को सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है। उनकी सेवा भावना को एक पुरानी दोहा या भावपूर्ण पंक्ति से व्यक्त किया जा सकता है:"जननी जणे तो ऐसा जणे, के दाता के सुर,नितर रईजे बाझडी, मत गमाईजे नूर" अर्थात्—जो मां ऐसे संत को जन्म देती है जो दाता के समान होता है, वही सच्ची मां है। ऐसे दाता का प्रकाश कभी कम न हो, उसकी किरणें हमेशा बनी रहें। सद्गुरु श्री पांचाराम जी महाराज का जीवन इसी संदेश को चरितार्थ करता है। वे न केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं, बल्कि व्यावहारिक रूप से समाज के उत्थान में योगदान दे रहे हैं। उनका यह दान शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक नई क्रांति लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.