थाने पर हंगामा और पथराव: पुलिस ने संभाला मोर्चा, 19 हिरासत में

रविवार देर रात पोकरण थाने के बाहर विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया टिप्पणी को लेकर हंगामा और पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस से स्थिति नियंत्रित की, 19 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया।

Web Desk
Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor
June 24, 2025 • 5:46 PM  67
र
राजस्थान
NEWS CARD
Logo
थाने पर हंगामा और पथराव: पुलिस ने संभाला मोर्चा, 19 हिरासत में
“थाने पर हंगामा और पथराव: पुलिस ने संभाला मोर्चा, 19 हिरासत में”
Favicon
Read more on thekhatak.com
24 Jun 2025
https://www.thekhatak.com/ruckus-and-stone-pelting-at-police-station-police-handle-morcha-19-in-custody
Google News
Copied
थाने पर हंगामा और पथराव: पुलिस ने संभाला मोर्चा, 19 हिरासत में

जैसलमेर जिले के पोकरण विधानसभा क्षेत्र में रविवार देर रात पोकरण थाने के बाहर हंगामा हो गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। यह घटना पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले से जुड़ी है।

पोकरण थाना पुलिस को रविवार शाम एक शिकायत मिली थी, जिसमें कुछ युवकों पर विधायक के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप था। जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया और थाने लाकर पूछताछ शुरू की। इस दौरान रात करीब 11 बजे सैकड़ों लोगों की भीड़ ने थाने को घेर लिया और पुलिस से बहस शुरू कर दी।

बातचीत के दौरान भीड़ में से कुछ उपद्रवियों ने पोकरण थाना प्रभारी को धक्का दिया, जिसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। उपद्रवियों ने थाने पर पथराव शुरू कर दिया। पुलिस ने पहले स्थिति को शांत करने की कोशिश की, लेकिन हालात बेकाबू होने पर आंसू गैस और लाठीचार्ज का उपयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया।

पुलिस की कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही जैसलमेर जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर चौधरी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। आसपास के 3-4 थानों से अतिरिक्त पुलिस बल भी पोकरण बुलाया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 उपद्रवियों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ शुरू की। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।

एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि इस घटना का मुख्य कारण एक सरपंच प्रतिनिधि द्वारा शराब के नशे में गांव के लोगों को भड़काना था। इस व्यक्ति ने गलत सूचना फैलाकर भीड़ को थाने के खिलाफ उकसाया। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं और सभी दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जांच में सामने आए तथ्य

पुलिस जांच में पता चला कि सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के बाद कुछ लोगों ने कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की। भीड़ द्वारा थाने पर पथराव और पुलिस कर्मियों पर हमले की घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया। हिरासत में लिए गए 19 लोगों से पूछताछ जारी है, और मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी चौधरी ने कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने की योजना है।

यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती है, बल्कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग और अफवाहों के खतरनाक परिणामों को भी उजागर करती है। पुलिस ने आमजन से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

Web Desk Verified Media or Organization • 11 Jun, 2026 Sub Editor

Web Desk The Khatak

Digital Archives

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter