भरतपुर: बयाना विधायक ऋतु बनावत के खिलाफ क्षेत्र में विरोध तेज, नए पोस्टर लगे; सदाचार समिति ने आज तलब किया
भरतपुर की बयाना से निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत और उनके पति के खिलाफ विधायक निधि से विकास कार्यों में कथित 40% कमीशन मांगने के आरोपों के बाद क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है। बयाना-हिंडौन रोड पर शहीद स्मारक के पास नए पोस्टर लगाए गए, जिनमें 'कमीशन खोर बयाना रूपवास छोड़' जैसे नारे लिखे हैं। इसी मामले में सदाचार समिति ने ऋतु बनावत सहित तीन विधायकों को तलब किया है, जहां व्यक्तिगत पूछताछ होगी। जांच जारी है और MLA फंड फ्रीज कर दिए गए हैं।
राजस्थान के भरतपुर जिले की बयाना विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक डॉ. ऋतु बनावत और उनके पति ऋषि बंसल के खिलाफ स्थानीय स्तर पर विरोध लगातार जारी है। हाल ही में कमीशनखोरी के गंभीर आरोपों के बाद क्षेत्र में असंतोष बढ़ गया है। रूपवास के बाद अब बयाना-हिंडौन रोड पर स्थित कारबारी गुर्जर शहीद स्मारक के पास नए पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों पर विधायक ऋतु बनावत और उनके पति की तस्वीरों पर क्रॉस का निशान लगा हुआ है। पोस्टरों में लिखा गया है - 'कमीशन खोर बयाना रूपवास छोड़' और 'बयाना रूपवास विधायक का नारा अब 40 प्रतिशत रहेगा हमारा'। ये नारे स्पष्ट रूप से विधायक निधि से विकास कार्यों की स्वीकृति में कथित 40 प्रतिशत कमीशन मांगने के आरोपों की ओर इशारा करते हैं।
यह विरोध हाल के एक स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा है, जिसमें विधायक निधि (MLA LAD फंड) से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोप लगे हैं। इस स्टिंग में बयाना से ऋतु बनावत के अलावा खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा और हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव के नाम भी सामने आए थे। आरोपों के अनुसार, विकास कार्यों जैसे स्कूलों में दरी-कारपेट बिछाने आदि के लिए अनुशंसा पत्र जारी करने के एवज में कमीशन की डील की गई थी।
इन आरोपों के बाद राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति ने आज (19 दिसंबर) तीनों विधायकों को तलब किया है। समिति इनसे व्यक्तिगत रूप से एक-एक करके सवाल-जवाब करेगी। समिति के अध्यक्ष कैलाश वर्मा ने कहा कि विधायकों के आचरण पर सख्त नजर रखी जाती है और किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष को सौंपी जाएगी।
इससे पहले गुरुवार (18 दिसंबर) को जिला परिषद की एक टीम बयाना पंचायत समिति पहुंची थी। टीम ने विधायक निधि से कराए गए विकास कार्यों की फाइलें जब्त कीं। इसके साथ ही ग्राम पंचायत सीदपुर में विधायक निधि से स्वीकृत कार्यों की मौके पर जांच की गई। इन कार्यों में 80 हैंडपंप की स्थापना शामिल थी। यह कार्रवाई भी कमीशनखोरी के आरोपों की जांच के तहत की गई प्रतीत होती है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इन आरोपों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। साथ ही संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के MLA फंड खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। विधायक ऋतु बनावत ने आरोपों को राजनीतिक साजिश करार देते हुए अपना पक्ष रखने की बात कही है। वे सदाचार समिति के सामने अपना बचाव पेश करेंगी।
यह मामला राजस्थान की राजनीति में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। क्षेत्रीय लोग विकास कार्यों में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, जिसके चलते विरोध के पोस्टर लगातार सामने आ रहे हैं। आगे की जांच से मामले का पूरा सच सामने आएगा।