अवैध वसूली केस में प्रोबेशनर IPS माधव उपाध्याय APO, अजय पांचाल कनेक्शन की जांच तेज
भीलवाड़ा में अवैध गार्नेट खनन और वसूली मामले में प्रोबेशनर आईपीएस माधव उपाध्याय को एपीओ कर दिया गया है। अजय पांचाल की गिरफ्तारी के बाद सामने आई व्हाट्सएप चैट और अन्य इनपुट्स के आधार पर विजिलेंस जांच शुरू की गई है। मामले में अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है, जबकि उपाध्याय ने आरोपों से इनकार किया है।
भीलवाड़ा। अवैध गार्नेट खनन और वसूली से जुड़े मामले में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए प्रोबेशनर आईपीएस और सीओ सिटी माधव उपाध्याय को एपीओ (Awaiting Posting Order) कर दिया गया है। संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में भले ही “प्रशासनिक कारण” बताए गए हों, लेकिन इसे हाल ही में सामने आए वसूली कनेक्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।
अजय पांचाल की गिरफ्तारी के बाद खुला मामला
रविवार को पुलिस ने कोटड़ी-जहाजपुर क्षेत्र से जहाजपुर विधायक गोपी मीणा के प्रतिनिधि अजय पांचाल सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे सामने आए, जिनके बाद यह मामला और गंभीर हो गया। अजय पांचाल के मोबाइल फोन से प्रोबेशनर आईपीएस माधव उपाध्याय के साथ हुई व्हाट्सएप चैट और लेन-देन से जुड़ी कुछ संदिग्ध जानकारियां सामने आई हैं। इन इनपुट्स के आधार पर ही पुलिस और विजिलेंस विभाग ने जांच शुरू की।
व्हाट्सएप चैट और इनपुट्स जांच के दायरे में
जांच में सामने आया है कि अजय पांचाल विभिन्न मामलों से जुड़ी जानकारी पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाता था और उन इनपुट्स के आधार पर कार्रवाई की जाती थी। अब यह जांच का विषय है कि इन सूचनाओं के पीछे कोई अवैध वसूली या अन्य आर्थिक लेन-देन का संबंध तो नहीं था।इसी कड़ी में आईपीएस माधव उपाध्याय के नाम की भी जांच की जा रही है। हालांकि उपाध्याय ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा है कि इस मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
डीजीपी ने दिए विजिलेंस जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी अजमेर जीआरपी के एसपी नरेंद्र सिंह को सौंपी गई है। जांच में सभी पहलुओं—चैट, कॉल डिटेल, आर्थिक लेन-देन और अन्य संदिग्ध गतिविधियों—को शामिल किया गया है।
एसपी ऑफिस में हुई थी मुलाकात
आईपीएस माधव उपाध्याय ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी अजय पांचाल से मुलाकात एसपी ऑफिस में एक केस के सिलसिले में हुई थी। उस दौरान अजय ने कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं, जिनके आधार पर कार्रवाई की गई।वहीं एसपी धर्मेंद्र सिंह ने भी बताया कि जनप्रतिनिधियों के साथ कई लोग एसपी ऑफिस आते रहते हैं। अजय पांचाल भी जहाजपुर विधायक गोपी मीणा के साथ एक बार कार्यालय आया था, जहां उसने कुछ जनसमस्याएं रखीं।