राजस्थान के डीग जिले में गौ-तस्करों का ड्रामाई पीछा: 10 किमी तक चिंगारियाँ उड़ती रहीं, पुलिस ने टक्कर मारकर रोका, 7 गायें बचाईं
राजस्थान के डीग में गौ-रक्षा दल की सूचना पर पुलिस ने 7 गौ-तस्करों को 10 किमी तक हाई-स्पीड पीछा कर पकड़ा। टायर फटने के बाद भी तस्कर नहीं रुके, सड़क पर चिंगारियाँ निकलती रहीं। पुलिस ने टक्कर मारकर पिकअप पलटवाई, 7 गायें बचाईं और सभी तस्करों को गिरफ्तार कर अस्पताल भिजवाया।
राजस्थान के भरतपुर जिले के डीग क्षेत्र में देर रात उस समय हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब गौ-तस्करों से भरी एक पिकअप पुलिस की नाकाबंदी तोड़कर भागी और करीब 10 किलोमीटर तक हाई-स्पीड चेज चला। टायर फटने के बावजूद तस्कर गाड़ी नहीं रोक रहे थे, सड़क पर रिम से चिंगारियाँ निकल रही थीं। आखिरकार पुलिस ने अपनी गाड़ी से पीछे से जोरदार टक्कर मारकर पिकअप को पलटा दिया और सातों तस्करों को दबोच लिया। इस कार्रवाई में 7 गौ-वंश को सुरक्षित बचाया गया।
घटना कब-कहाँ हुई? तारीख व समय: 9-10 दिसंबर 2025 की रात करीब 3 बजे,स्थान: भरतपुर जिले के नदबई-नगर-डीग रोड क्षेत्र (राजस्थान),गंतव्य: तस्कर गायों को हरियाणा के अवैध बूचड़खानों (कट्टीघर) में ले जा रहे थे
कैसे मिली सूचना और शुरू हुई कार्रवाई? नगर थाना प्रभारी धारा सिंह के अनुसार, गौ-रक्षा दल के सदस्यों ने रात करीब 3 बजे पुलिस को सूचना दी कि एक सफेद रंग की पिकअप गाड़ी में कई गायें भरकर नदबई से नगर होते हुए हरियाणा की तरफ ले जाई जा रही हैं।सूचना मिलते ही DST (District Special Team) ने सुंदरावली से दुदावल रोड पर नाकाबंदी कर दी। DST इंचार्ज सुल्तान सिंह के नेतृत्व में टीम मौके पर तैनात थी।
पहली टक्कर और भागने की कोशिश जैसे ही पिकअप नाकाबंदी के पास पहुँची, पुलिस ने रुकने का इशारा किया। लेकिन तस्करों ने इसके उलट पुलिस की गाड़ी को सामने से जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर से DST की जीप का बोनट और बंपर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।टक्कर मारकर तस्कर तेज रफ्तार से आगे निकल गए। DST टीम ने तुरंत नगर थाना पुलिस को अलर्ट किया। नगर पुलिस ने डीग चुंगी पर दूसरी नाकाबंदी की, लेकिन तस्करों ने वहाँ भी बैरिकेड्स तोड़कर निकल गए।
10 किमी तक चिंगारियों भरा पीछा पुलिस ने दोनों टीमों (नगर + DST) ने मिलकर तस्करों का पीछा शुरू किया। पीछा करने के दौरान पुलिस ने अपनी गाड़ी से पिकअप को पीछे से टक्कर मारी, जिससे पिकअप का एक टायर फट गया।टायर फटने के बावजूद तस्कर गाड़ी नहीं रोक रहे थे। रिम सड़क से रगड़ खा रही थी, जिससे रात के अंधेरे में सड़क पर लगातार चिंगारियाँ निकल रही थीं। यह नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था।करीब 10 किलोमीटर तक यह खतरनाक चेज चला। आखिरकार पुलिस ने घेराबंदी करके पिकअप को रोकने में कामयाबी हासिल की और नियंत्रण से बाहर हुई पिकअप पलट गई।
क्या बरामद हुआ? 7 जीवित गायें (सभी को सुरक्षित गोशाला भेजा गया, वहाँ मेडिकल जाँच होगी)एक पिकअप गाड़ी (जब्त),7 गिरफ्तार तस्कर (6 हरियाणा के अलग-अलग जिलों के, 1 स्थानीय सोहिल नगर का रहने वाला)
तस्करों की हालत पिकअप पलटने से सभी सातों तस्करों को चोटें आईं। उन्हें तुरंत नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं बताया गया।
पुलिस की टीम इस पूरे ऑपरेशन में नगर थाना और DST की कुल 12 पुलिसकर्मी शामिल थे। गौ-रक्षा दल के सदस्यों ने भी सहयोग किया। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि ये तस्कर सड़कों पर घूम रही आवारा गायों को उठाकर हरियाणा के अवैध बूचड़खानों में बेचने की फिराक में थे। इस रूट पर पहले भी कई बार गौ-तस्करी के मामले सामने आ चुके हैं।फिलहाल सभी आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और उनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही कोर्ट में पेश किया जाएगा।