राजस्थान विधानसभा में एमएलए फंड कमीशन मामले की जांच तेज: तीन विधायकों को आज फिर तलब किया गया
राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति ने एमएलए फंड से विकास कार्यों के बदले कमीशन मांगने के आरोप में भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत को आज पूछताछ के लिए तलब किया है। तीनों को अपनी बेगुनाही के दस्तावेजी सबूत पेश करने होंगे। यह मामला दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन से सामने आया था।
जयपुर। राजस्थान विधानसभा की सदाचार समिति (एथिक्स कमेटी) ने एमएलए लोकल एरिया डेवलपमेंट (लैड) फंड से विकास कार्यों की अनुशंसा के बदले कमीशन मांगने के आरोप में फंसे तीन विधायकों को आज (6 जनवरी 2026) सुबह 11 बजे पूछताछ के लिए तलब किया है। ये विधायक हैं— खींवसर से भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा, हिंडौन से कांग्रेस विधायक अनीता जाटव और बयाना से निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत। कमेटी ने इनसे बेगुनाही साबित करने के लिए दस्तावेजी सबूत, ऑडियो-वीडियो और अन्य प्रमाण साथ लाने को कहा है।
स्टिंग ऑपरेशन से शुरू हुआ विवाद यह पूरा मामला दिसंबर 2025 में दैनिक भास्कर के एक बड़े स्टिंग ऑपरेशन से सामने आया था। इसमें आरोप लगाया गया कि ये तीनों विधायक एमएलए फंड से स्कूलों में दरी-फर्श आदि कार्य कराने के बदले 40% तक कमीशन मांग रहे थे।भाजपा विधायक रेवंतराम डांगा ने कथित तौर पर 50 लाख रुपए के काम के लिए 40% कमीशन मांगा और 10 लाख रुपए एडवांस भी लिया।कांग्रेस विधायक अनीता जाटव ने 80 लाख रुपए के काम की अनुशंसा के बदले 50 हजार रुपए टोकन मनी ली।निर्दलीय विधायक ऋतु बनावत के पति ने 40 लाख रुपए की डील फाइनल की।स्टिंग में डांगा और अनीता जाटव ने जिला परिषद के सीईओ को संबोधित अनुशंसा पत्र भी जारी किए थे। इस खुलासे के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तीनों विधायकों के एमएलए लैड फंड खाते फ्रीज कर दिए और उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की। साथ ही विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले को एथिक्स कमेटी को सौंप दिया।
19 दिसंबर को पहली पूछताछ एथिक्स कमेटी ने 19 दिसंबर 2025 को तीनों विधायकों से विधानसभा में अलग-अलग पूछताछ की थी। कमेटी ने स्टिंग वीडियो और कमीशन मांगने से जुड़े सवाल पूछे। तीनों ने खुद को बेगुनाह बताया, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं दे पाए।रेवंतराम डांगा ने 15 दिन का समय मांगा।अनीता जाटव ने 7 दिन।ऋतु बनावत ने 10 दिन।कमेटी के सभापति कैलाश वर्मा ने कहा कि विधायकों की मांग पर समय दिया गया, लेकिन अब अलग-अलग तारीखों की बजाय एक ही दिन (आज) तीनों को बुलाया गया है। वे पूरे सबूत और तैयारी के साथ आएं। अगर वे वीडियो को फर्जी बताते हैं तो फॉरेंसिक जांच (एफएसएल) कराई जा सकती है।
अलग से बीएपी विधायक को भी तलब एथिक्स कमेटी ने बांसवाड़ा की बागीदौरा सीट से भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) विधायक जयकृष्ण पटेल को कल (7 जनवरी) पूछताछ के लिए बुलाया है। पटेल को मई 2025 में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। जांच अधिकारी को भी कमेटी के सामने पेश होना होगा।
बजट सत्र में रिपोर्ट पेश होने की संभावना राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र जनवरी अंत या फरवरी 2026 में शुरू होने वाला है। एथिक्स कमेटी इन दोनों मामलों (कमीशन और रिश्वत) की जांच पूरी कर सत्र के दौरान रिपोर्ट पेश कर सकती है। रिपोर्ट स्पीकर को सौंपी जाएगी, फिर सदन में रखकर आगे कार्रवाई का फैसला होगा। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर विधायकों के खिलाफ निलंबन या अन्य दंड हो सकता है, लेकिन अंतिम फैसला सदन का होगा।