LPG Price Hike: “12 साल में 530 रुपये की लूट”, खरगे का मोदी सरकार पर हमला, बोले- अब भाजपाई सड़क पर क्यों नहीं उतरते?
घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है।
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद देश में एक बार फिर महंगाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है और रसोई गैस के बढ़ते दामों को आम जनता के लिए भारी बोझ बताया है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों में ही घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में करीब 89 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे आम आदमी की आर्थिक स्थिति पर सीधा असर पड़ रहा है। खरगे ने आरोप लगाया कि महंगाई की सबसे बड़ी मार देश की आम जनता झेल रही है।
उन्होंने यूपीए सरकार के दौर को याद करते हुए कहा कि उस समय भाजपा नेता महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करते थे, लेकिन आज जब खुद सरकार में हैं तो बढ़ती कीमतों पर चुप्पी साध ली गई है। खरगे ने सवाल उठाया कि पिछले 12 वर्षों में घरेलू एलपीजी के दामों में करीब 530 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, ऐसे में अब वही नेता प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने संसद में किए गए ईंधन डाइवर्सिफिकेशन के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इन नीतियों का जमीनी असर क्या हुआ, यह स्पष्ट होना चाहिए। साथ ही उन्होंने उज्ज्वला योजना को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि करोड़ों लाभार्थियों को नियमित रूप से सिलेंडर रिफिल नहीं मिल पा रहा है।
दिल्ली में हाल ही में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी के बाद इसकी कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। इस बढ़ोतरी के बाद आम उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ गई है।
वहीं दूसरी ओर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा है कि भारत में एलपीजी की कीमतें अभी भी कई पड़ोसी और विकसित देशों की तुलना में कम हैं। मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में लागत बढ़ने के बावजूद सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने का प्रयास कर रही है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बाजार मूल्य 1600 रुपये से अधिक होने के बावजूद उपभोक्ताओं को सिलेंडर 942 रुपये में उपलब्ध कराया जा रहा है, जबकि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी के बाद यह और भी सस्ता पड़ता है।
इस बीच आम उपभोक्ताओं ने भी बढ़ती कीमतों पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने घरेलू बजट को बिगाड़ दिया है और गरीब तथा मध्यम वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।