राजस्थान में भाजपा सरकार के 2 साल पूरे : प्रभारी मंत्री सुरेश रावत ने गिनाईं उपलब्धियां, बोले- “हमारे कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ”
राजस्थान में भाजपा सरकार के 2 साल पूरे होने पर प्रभारी मंत्री सुरेश रावत ने भरतपुर में दावा किया कि उनके कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ, संकल्प पत्र के 75% से अधिक वादे पूरे हो चुके हैं, प्रदेश बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है और हनुमानगढ़ विवाद पर शांति बनाए रखने की अपील की।
भरतपुर। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार को दो साल पूरे होने पर शुक्रवार को प्रदेश के प्रभारी मंत्री सुरेश रावत भरतपुर पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर से ‘विकास रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद बीडीए ऑडिटोरियम में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के सम्मेलन में शिरकत की। कार्यक्रमों के बाद प्रभारी मंत्री ने प्रेस से बातचीत में सरकार के दो वर्षों की उपलब्धियां गिनाईं और कांग्रेस के पिछले कार्यकाल पर जमकर निशाना साधा।
पेपर लीक पर बड़ा दावा : “कांग्रेस के समय युवा त्रस्त थे, हमारे 2 साल में एक भी पेपर लीक नहीं”प्रभारी मंत्री ने सबसे बड़ा दावा पेपर लीक के मुद्दे पर किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आए दिन पेपर लीक होते थे। इससे युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो रहा था। भाजपा सरकार ने सत्ता में आते ही इस समस्या को गंभीरता से लिया। पेपर लीक गिरोह के सरगनाओं और सदस्यों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। नतीजा यह है कि पिछले दो साल में राजस्थान में एक भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ।”उन्होंने कहा कि युवाओं को नौकरियां देने का जो संकल्प भाजपा ने लिया था, उसे पूरा किया जा रहा है और युवा अब सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
संकल्प पत्र का 75% से अधिक काम पूरा चुनावी संकल्प पत्र को लेकर मंत्री ने कहा, “2023 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने जो संकल्प पत्र जारी किया था, उसमें किए गए वादों में से 75 प्रतिशत से अधिक काम सरकार दो साल में ही पूरा कर चुकी है। बाकी काम भी तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।”हनुमानगढ़ विवाद पर शांति की अपीलहनुमानगढ़ में हाल में हुए जातीय विवाद और तनाव के सवाल पर सुरेश रावत ने कहा, “हनुमानगढ़ की घटना बहुत दुखद है। सरकार पूरे मामले पर पैनी नजर रखे हुए है। सभी पक्षों से अपील है कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखें। लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन उसका तरीका शांतिपूर्ण और संवैधानिक होना चाहिए। हिंसा या अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
बिजली क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का दावा बिजली कंपनियों द्वारा सरचार्ज बढ़ाए जाने के सवाल पर मंत्री ने कहा, “राजस्थान पहली बार बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। हमारी सरकार ने 5,000 मेगावाट से अधिक नई बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी है। कांग्रेस सरकार ने बिजली कंपनियों पर 80 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का घाटा छोड़ा था। उस घाटे को पाटने के लिए समय-समय पर कुछ कड़े कदम उठाने पड़ते हैं। सरचार्ज भी उसी का हिस्सा है, लेकिन अब प्रदेश बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है।”