राजस्थान के 28 आईएएस और 9 आईपीएस अफसर बने चुनावी राज्यों में केंद्रीय पर्यवेक्षक: पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 17 आईएएस की जिम्मेदारी

निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनावों (असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल) के लिए राजस्थान कैडर के 28 आईएएस और 9 आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। सबसे अधिक जिम्मेदारी पश्चिम बंगाल में दी गई, जहां 17 आईएएस और 3 आईपीएस तैनात हैं। ये अधिकारी मतदान से मतगणना तक निष्पक्षता सुनिश्चित करेंगे। कुल 1111 केंद्रीय पर्यवेक्षक विभिन्न राज्यों में भेजे गए हैं।

Mar 18, 2026 - 11:15
राजस्थान के 28 आईएएस और 9 आईपीएस अफसर बने चुनावी राज्यों में केंद्रीय पर्यवेक्षक: पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा 17 आईएएस की जिम्मेदारी

नई दिल्ली/जयपुर: निर्वाचन आयोग ने आगामी विधानसभा चुनावों की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान कैडर के 28 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और 9 भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों को विभिन्न चुनावी राज्यों में केंद्रीय पर्यवेक्षक (Observers) के रूप में नियुक्त किया है। ये अधिकारी वोटिंग से लेकर मतगणना तक पूरी चुनाव प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी करेंगे, चुनावी नियमों का पालन सुनिश्चित करेंगे और किसी भी अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई के लिए रिपोर्ट तैयार करेंगे।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों का ऐलान हो चुका है। मतदान अप्रैल में विभिन्न चरणों में होगा, जबकि मतगणना 4 मई को प्रस्तावित है। निर्वाचन आयोग ने देशभर से कुल 1111 केंद्रीय पर्यवेक्षक तैनात किए हैं, जिसमें राजस्थान के ये 37 अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

राज्यवार नियुक्ति का विवरण

पश्चिम बंगाल: सबसे अधिक जिम्मेदारी यहां सौंपी गई है। 17 आईएएस और 3 आईपीएस अधिकारियों को पर्यवेक्षक बनाया गया है। पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में (23 और 29 अप्रैल) होंगे, जहां सुरक्षा और निष्पक्षता की चुनौतियां अधिक हैं।

आईएएस अधिकारी: नवीन जैन, समित शर्मा, रवि जैन, आनंदी, कन्हैया लाल स्वामी, विश्व मोहन शर्मा, नकाते शिवप्रसाद मदन, हरि मोहन मीणा, ओम प्रकाश कसेरा, टीकम चंद बोहरा, हिमांशु गुप्ता, नथमल डिडेल, सुरेश कुमार ओला, चिन्मयी गोपाल, हर्ष सावनसुखा, अशुतोष गुप्ता, रुकमणी रियार।आईपीएस अधिकारी: रूपिंदर सिंह, दीपक कुमार, विकास कुमार।तमिलनाडु: यहां 6 आईएएस और 2 आईपीएस अधिकारियों को तैनात किया गया है। तमिलनाडु में एक ही चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा।आईएएस अधिकारी: कृष्ण कुणाल, रवि कुमार सुरपुर, शुचि त्यागी, भारती दीक्षित, हरफूल सिंह यादव (नोट: सूची में 5 नाम दिए गए हैं, संभवतः एक और अधिकारी शामिल)।आईपीएस अधिकारी: लता मनोज कुमार, प्रफुल्ल कुमार।पुडुचेरी: 1 आईएएस और 1 आईपीएस को जिम्मेदारी सौंपी गई है।आईएएस: अजय असवाल।आईपीएस: डॉ. प्रीति चंद्रा।केरल: 2 आईएएस और 2 आईपीएस पर्यवेक्षक बनाए गए हैं। केरल में 9 अप्रैल को मतदान होगा।आईएएस: अनुपमा जोरवाल, भंवर लाल।आईपीएस: विष्णु कांत, परम ज्योति।असम: 1 आईएएस और 1 आईपीएस की ड्यूटी लगाई गई है। असम में भी 9 अप्रैल को मतदान प्रस्तावित है।आईएएस: हिम्मत सिंह बरहठ।आईपीएस: अंशुमान भोमिया।गुजरात और गोवा: प्रत्येक में 1-1 आईएएस को ऑब्जर्वर बनाया गया है (हालांकि मुख्य चुनाव इन राज्यों में नहीं हैं, संभवतः उपचुनाव या विशेष ड्यूटी के लिए)।गुजरात: मातादीन मीणा।गोवा: पूजा कुमारी पार्थ।

ये राजस्थान के वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी हैं, जिन्हें निर्वाचन आयोग ने इसलिए चुना है क्योंकि वे चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने में सक्षम माने जाते हैं। केंद्रीय पर्यवेक्षक चुनाव आयोग की 'तीसरी आंख' की तरह काम करते हैं, जो स्थानीय प्रशासन की मदद करते हुए चुनावी कदाचार, धन-बल के दुरुपयोग और अन्य उल्लंघनों पर नजर रखते हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.