पुणे में विदेशी नागरिक भारतीय नागरिकों को ट्रैफिक अनुशासन सीख रहे।

पुणे के सांगवी इलाके के रक्षक चौक पर ट्रैफिक जाम से बचने के लिए फुटपाथ पर बाइक चलाने वाले वाहन चालकों को एक विदेशी नागरिक ने रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन करने की नसीहत दी। पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे नागरिक अनुशासन और ट्रैफिक व्यवस्था पर बहस छिड़ गई।

Dec 19, 2025 - 14:34
पुणे में विदेशी नागरिक भारतीय नागरिकों को ट्रैफिक अनुशासन सीख रहे।

पुणे शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम और नागरिक अनुशासन की कमी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। शहर के सांगवी इलाके स्थित रक्षक चौक पर उस समय असामान्य दृश्य देखने को मिला, जब ट्रैफिक से बचने के लिए कई दोपहिया वाहन चालक फुटपाथ पर बाइक चलाने लगे। इससे वहां चल रहे पैदल यात्रियों, बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

इसी दौरान मौके पर मौजूद एक विदेशी नागरिक ने हालात को देखकर खुद आगे बढ़कर मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने फुटपाथ पर चढ़ी बाइकों को हाथ के इशारे से रोकते हुए सख्त लहजे में वाहन चालकों को समझाया कि फुटपाथ पैदल चलने वालों के लिए होता है, न कि वाहनों के लिए। विदेशी नागरिक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन सभी के लिए जरूरी है, चाहे भीड़ हो या जाम।

लोगों ने बनाया वीडियो, सोशल मीडिया पर हुआ वायरल

इस पूरी घटना को वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। कुछ ही समय में यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि विदेशी नागरिक पूरी शांति और आत्मविश्वास के साथ बाइक सवारों को रोकते हैं और उन्हें वापस सड़क पर चलने के लिए कहते हैं।

नागरिक अनुशासन पर उठे सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने विदेशी नागरिक की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें भारतीयों को ट्रैफिक नियमों का पाठ नहीं पढ़ाना चाहिए था, बल्कि यह जिम्मेदारी खुद नागरिकों और प्रशासन की है। वहीं कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि जब बाहरी व्यक्ति नियमों का सम्मान कर रहा है, तो स्थानीय लोग क्यों नहीं।

पैदल यात्रियों की सुरक्षा बनी चिंता

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि ट्रैफिक जाम के दौरान फुटपाथ पर वाहन चलाना आम हो गया है, जिससे पैदल चलने वालों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है। बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए ऐसे हालात बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल

इस घटना ने ट्रैफिक पुलिस और नगर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि यदि चौराहों पर सख्त निगरानी और नियमों का पालन करवाया जाए, तो ऐसी स्थिति पैदा ही न हो।

संदेश साफ: नियम सबके लिए समान

यह घटना सिर्फ एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि शहरों में बिगड़ते ट्रैफिक कल्चर और नागरिक जिम्मेदारी की हकीकत को उजागर करती है। विदेशी नागरिक का यह कदम सभी के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि नियमों का पालन करवाने के लिए सिर्फ जुर्माने नहीं, बल्कि जागरूकता और जिम्मेदारी भी जरूरी है।