बीकानेर: महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में NSUI का जोरदार प्रदर्शन, छात्रों ने कुलपति कार्यालय के सामने की नारेबाजी

बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में एनएसयूआई ने बढ़ती फीस, परीक्षा शुल्क, परिणामों में देरी और अन्य छात्र समस्याओं के खिलाफ कुलपति कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों ने आर्थिक बोझ कम करने की मांग की और ज्ञापन सौंपा। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।

Dec 23, 2025 - 14:44
बीकानेर: महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में NSUI का जोरदार प्रदर्शन, छात्रों ने कुलपति कार्यालय के सामने की नारेबाजी

बीकानेर। राजस्थान के बीकानेर स्थित महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय (एमजीएसयू) में छात्रों की समस्याओं को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने सोमवार को बड़ा प्रदर्शन किया। NSUI कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति कार्यालय के सामने एकत्र होकर जोरदार नारेबाजी की। यह प्रदर्शन छात्रहितों से जुड़े कई मुद्दों, विशेष रूप से बढ़ती फीस और आर्थिक बोझ को लेकर था। प्रदर्शनकारियों ने कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित के खिलाफ नारे लगाए और दीक्षांत समारोह की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी केबिन के बाहर नारेबाजी जारी रखी।

NSUI जिलाध्यक्ष हरिराम गोदारा के नेतृत्व में संगठन के अन्य नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों से जुड़े मामलों में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा फॉर्म भरने की फीस, पुनर्मूल्यांकन शुल्क, लेट फीस, परीक्षा परिणामों में अनावश्यक देरी, लाइब्रेरी सुविधाओं की कमी, ऑनलाइन सेवाओं में समस्याएं और परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित कई मुद्दों ने छात्रों को लंबे समय से परेशान कर रखा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।

प्रदर्शन के बाद NSUI के एक प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:छात्रों पर लगाए जा रहे अनावश्यक आर्थिक बोझ को तुरंत कम किया जाए, खासकर विभिन्न शुल्कों में बार-बार हो रही वृद्धि को रोका जाए।परीक्षा और परिणाम घोषणा की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सुविधाओं, जैसे लाइब्रेरी, ऑनलाइन पोर्टल और अन्य संसाधनों को बेहतर और छात्र-अनुकूल बनाया जाए।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कुलपति से सीधे संवाद करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की। एक छात्र ने कहा, "आप हर बार फीस बढ़ा देते हैं। हमारे अभिभावक बड़ी मुश्किल से कमाई करते हैं, दिन-रात मेहनत करते हैं। उनके लिए इतनी ऊंची फीस जमा कराना अब चुनौती बन गया है।" अन्य छात्रों ने भी यही बात दोहराई कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए विश्वविद्यालय की बढ़ती फीस एक बड़ा बोझ बन रही है। कई छात्रों के परिवार कृषि या मजदूरी पर निर्भर हैं, ऐसे में अतिरिक्त शुल्क और देरी से होने वाली परेशानियां उनकी पढ़ाई को प्रभावित कर रही हैं।

NSUI पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।यह प्रदर्शन भारतीय विश्वविद्यालयों में छात्रों के सामने आने वाली आम समस्याओं को उजागर करता है, जहां फीस वृद्धि और प्रशासनिक लापरवाही अक्सर विरोध का कारण बनती है। राजस्थान के अन्य विश्वविद्यालयों में भी इसी तरह के प्रदर्शन देखे गए हैं, जहां छात्र फीस कम करने और बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.