नागौर में व्यास कॉलोनी के रिहायशी मकान में भीषण आग: एसी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लाखों की मशीनें और कच्चा माल जलकर खाक, बड़ा हादसा टला

नागौर की व्यास कॉलोनी में रिहायशी मकान की ऊपरी मंजिल पर रुई और हैंडीक्राफ्ट गोदाम में एसी शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग ने लाखों की मशीनें व कच्चा माल जला दिया। पड़ोसियों की सतर्कता और दमकल की 90 मिनट की मशक्कत से बड़ा हादसा टला, कोई जनहानि नहीं हुई। रिहायशी क्षेत्र में ज्वलनशील गोदाम चलाने पर सवाल उठे।

Jan 22, 2026 - 13:23
नागौर में व्यास कॉलोनी के रिहायशी मकान में भीषण आग: एसी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, लाखों की मशीनें और कच्चा माल जलकर खाक, बड़ा हादसा टला

नागौर शहर की व्यास कॉलोनी में बुधवार रात एक रिहायशी मकान की ऊपरी मंजिल पर स्थित रुई, प्लास्टिक और हैंडीक्राफ्ट के गोदाम में लगी भीषण आग ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। आग की शुरुआत एयर कंडीशनर (एसी) में हुए शॉर्ट सर्किट से हुई, जो कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर गई। इस हादसे में लाखों रुपये की मशीनें, उपकरण और कच्चा माल पूरी तरह जलकर राख हो गया, जबकि समय पर दमकल की मेहनत और पड़ोसियों की सतर्कता से किसी बड़ी जनहानि से बचा जा सका।

आग कैसे लगी और कैसे फैली?

जानकारी के अनुसार, स्थानीय निवासी कैलाश अग्रवाल के तीन मंजिला मकान की दूसरी मंजिल पर लगा एयर कंडीशनर रात करीब 10:30 बजे शॉर्ट सर्किट की चपेट में आ गया। शॉर्ट सर्किट से निकली चिंगारी ने देखते ही देखते आग को भड़का दिया। आग तेजी से तीसरी मंजिल पर बने गोदाम तक पहुंच गई, जहां रुई, प्लास्टिक सामग्री, हैंडीक्राफ्ट आइटम्स और अन्य ज्वलनशील सामान भरा हुआ था। इन सामग्रियों के कारण आग की लपटें और धुआं बहुत तेजी से फैला। लपटें इतनी ऊंची और तेज थीं कि आसपास के पड़ोसी मकानों को भी छूने लगीं, जिससे पूरे मोहल्ले में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आए।

पड़ोसियों की बहादुरी ने बचाई कई जानें

पड़ोसी सुनील गौड़ ने सबसे पहले आग की लपटें खिड़की से देखीं। उन्होंने तुरंत शोर मचाकर कैलाश अग्रवाल के परिवार को जगाया और बिजली का मुख्य स्विच बंद करवाया। सुनील के अनुसार, अगर 10 मिनट की भी देरी होती तो आग कम से कम 10 आसपास के घरों तक फैल सकती थी। उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से मकान के निचले हिस्से में रह रहे परिवार के सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। इस दौरान किसी की जान नहीं गई, जो इस हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात रही।

दमकल की 90 मिनट की मशक्कत

सूचना मिलते ही नागौर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। हालांकि, संकरी गलियां और भीड़भाड़ के कारण दमकल गाड़ियों को पहुंचने और पानी डालने में काफी परेशानी हुई। दमकलकर्मियों ने करीब 90 मिनट (डेढ़ घंटे) की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान गोदाम में रखा एक बड़ा हवा से भरा कंप्रेसर भी आग की चपेट में आने वाला था। यदि कंप्रेसर फट जाता तो विस्फोट से पूरी कॉलोनी में आग फैल सकती थी और स्थिति और भयावह हो जाती। समय रहते आग बुझने से यह बड़ा खतरा टल गया।

लाखों का आर्थिक नुकसान

हादसे में गोदाम में रखी हुई लाखों रुपये मूल्य की मशीनें, हैंडीक्राफ्ट बनाने के उपकरण और रुई सहित अन्य कच्चा माल पूरी तरह नष्ट हो गया। आग इतनी तेज थी कि बचाव कार्य के दौरान भी बहुत कुछ बच नहीं पाया। मकान के ऊपरी हिस्से को भी काफी नुकसान पहुंचा है।

रिहायशी इलाके में गोदाम चलाने पर सवाल

घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने रिहायशी क्षेत्र में रुई और हैंडीक्राफ्ट जैसे ज्वलनशील सामान के गोदाम संचालित करने पर गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि ऐसे गोदामों के लिए अलग से औद्योगिक या व्यावसायिक क्षेत्र होना चाहिए, क्योंकि रिहायशी इलाकों में यह बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। इसके अलावा, मकान में कोई फायर सेफ्टी उपकरण जैसे फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर सिस्टम या स्मोक डिटेक्टर नहीं था, जिसके कारण आग को शुरुआत में ही बुझाना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोग प्रशासन से सुरक्षा मानकों की सख्त निगरानी और जांच की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.