बालोतरा: नागाजी मंदिर से दानपेटी चोरी, श्रद्धालुओं का गुस्सा फूटा, समदड़ी थाने का घेराव
राजस्थान के बालोतरा जिले के समदड़ी स्थित नागाजी मंदिर से नकाबपोश चोरों ने दानपेटी चुरा ली, जिसमें करीब एक लाख रुपये थे। घटना की जानकारी मिलते ही महंत और श्रद्धालुओं ने पुलिस की पुरानी चोरियों में नाकामी पर गुस्सा जताते हुए थाने का घेराव किया। पिछले 10 सालों में मंदिर में चार चोरियां हो चुकी हैं, लेकिन कोई खुलासा नहीं हुआ। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की है।
राजस्थान के बालोतरा जिले के समदड़ी थाना क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध नागाजी मंदिर से नकाबपोश चोरों ने दानपेटी चुरा ली। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर के महंत और स्थानीय श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया। लोगों ने पुलिस की निष्क्रियता पर गुस्सा जताते हुए समदड़ी पुलिस थाने का घेराव कर दिया। महंत ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में मंदिर में चार बार चोरी हो चुकी है, लेकिन एक भी मामले का खुलासा नहीं हुआ है।
घटना का विवरण मंदिर के महंत उमाकांतगिरी (चेला धनुषगिरी) ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे मंदिर प्रांगण में ताला लगाकर वे सोने चले गए थे। सोमवार सुबह लगभग 4 बजे जब वे भगवान नागाजी के दर्शन और पूजा के लिए मंदिर पहुंचे, तो मुख्य दानपेटी गायब मिली। दानपेटी में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया नकद रखा हुआ था, जिसकी अनुमानित राशि करीब एक लाख रुपये बताई जा रही है।महंत ने तुरंत अपने भक्तों, गांव के सम्मानित लोगों और गश्त पर तैनात पुलिस कर्मी मांगूसिंह को फोन कर घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सुबह करीब 5 बजे मंदिर पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त तलाश में भवरानी मार्ग स्थित ओरण क्षेत्र में पानी की टंकी के बूस्टर के पास टूटी हुई खाली दानपेटी मिली। इससे स्पष्ट हुआ कि चोरों ने दानपेटी तोड़कर नकदी निकाल ली और पेटी फेंककर फरार हो गए।मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में तीन संदिग्ध व्यक्ति नजर आए, जिनके चेहरे कपड़े से ढके हुए थे। वे पेंट-शर्ट पहने हुए थे और भवरानी मार्ग की ओर जाते दिख रहे हैं। पुलिस ने फुटेज के आधार पर टीमें गठित कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
श्रद्धालुओं का प्रदर्शन और थाने का घेराव चोरी की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पर एकत्र हो गए। लोगों का गुस्सा पुलिस की पुरानी चोरियों में नाकामी पर फूट पड़ा। महंत ने कहा, "पिछले 10 सालों में मंदिर में चार चोरी हो चुकी हैं, लेकिन एक भी मामले का पता नहीं चला। साल 2016 में हुई सबसे बड़ी चोरी में आभूषण और नकदी चुराई गई थी, जिससे आहत होकर तत्कालीन महंत धनुषगिरी जी का स्वर्गवास हो गया था।"गुस्साए लोगों ने समदड़ी थाने का घेराव कर दिया और चोरों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। थानाधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की और जल्द मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद महंत और श्रद्धालुओं ने ज्ञापन सौंपकर शांतिपूर्वक वापस लौट आए।
मंदिर की महत्वता नागाजी मंदिर खंडप गांव और आसपास के 8-10 गांवों का प्रमुख आस्था केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं और भारी मात्रा में दान चढ़ाते हैं। मंदिर की सुरक्षा को लेकर पहले से चिंता जताई जा रही थी, लेकिन बार-बार चोरी की घटनाएं श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट कर रही हैं।पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान जल्द कर ली जाएगी। मामले की जांच जारी है।