मुंबई मीरा रोड हमला धर्म पूछकर गार्ड्स पर चाकूबाजी, आरोपी जुबैर के आतंकी कनेक्शन की जांच तेज!
मुंबई के मीरा रोड स्थित नया नगर में एक आरोपी ने कथित तौर पर धर्म पूछकर दो सुरक्षा गार्डों पर चाकू से हमला किया। पुलिस जांच में सामने आया कि हमला सुनियोजित था और आरोपी पहले से टारगेट की तलाश कर रहा था। उसके घर से ISIS और ‘लोन वुल्फ’ से जुड़ी सामग्री मिलने के बाद मामले की जांच ATS को सौंप दी गई है। घटना के बाद संतों और नेताओं ने कड़ी सजा की मांग की है, जबकि पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है।
मुंबई के मीरा रोड स्थित नया नगर इलाके में दो सुरक्षा गार्डों पर हुए हमले ने सुरक्षा एजेंसियों और आम जनता दोनों को झकझोर कर रख दिया है। शुरुआती जांच में यह मामला केवल आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सुनियोजित और संभावित कट्टरपंथी मानसिकता से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।
सुनियोजित तरीके से किया गया हमला
पुलिस जांच के अनुसार, 31 वर्षीय आरोपी जैब जुबैर अंसारी घटना से पहले काफी समय तक इलाके में घूमता रहा और संभावित शिकार की तलाश करता रहा। उसने पहले सुरक्षा गार्ड सुब्रतो सेन और उनके सुपरवाइजर राजकुमार मिश्रा से उनका धर्म पूछा। इसके बाद उन्हें धार्मिक प्रार्थना (कलमा) पढ़ने के लिए कहा। जब उसे यकीन हो गया कि दोनों मुस्लिम नहीं हैं, तब उसने चाकू निकालकर हमला कर दिया।
घटना में दोनों घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस का मानना है कि यह हमला अचानक नहीं बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया।
आतंकी एंगल से जांच, संदिग्ध सामग्री बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी के घर से कई चौंकाने वाले सबूत बरामद किए हैं। इनमें इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़ा साहित्य, ‘लोन वुल्फ’ हमलों से संबंधित नोट्स और अन्य कट्टरपंथी सामग्री शामिल है। इसके बाद इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को सौंप दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी आतंकी संगठन के संपर्क में था या उसे किसी प्रकार का बाहरी समर्थन मिल रहा था।
आरोपी की पृष्ठभूमि भी जांच के घेरे में
जैब जुबैर अंसारी शिक्षित युवक है, जिसने साइंस में ग्रेजुएशन किया है और वर्ष 2019 तक अमेरिका में रहा था। उसका परिवार अभी भी वहीं रहता है। वह 2020 में भारत लौटा और पिछले कुछ वर्षों से मीरा रोड के नया नगर इलाके में अकेले रह रहा था।
बताया जा रहा है कि वह पहले कोचिंग सेंटर में केमिस्ट्री और गणित पढ़ाता था, साथ ही ऑनलाइन क्लासेस भी लेता था। उसकी पत्नी अफगान मूल की है, जो फिलहाल अमेरिका में अलग रह रही है। जांच एजेंसियां उसके पिछले कुछ वर्षों के व्यवहार और संपर्कों की भी पड़ताल कर रही हैं।
धार्मिक नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया, कड़ी सजा की मांग
इस घटना के सामने आने के बाद देशभर में आक्रोश देखा जा रहा है। अयोध्या के संतों और धार्मिक नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। कुछ संतों ने इसे गंभीर और सुनियोजित हमला बताते हुए कड़ी सजा, यहां तक कि एनकाउंटर या फांसी की मांग भी की है।
पुलिस की अपील और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है और दोषी के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला केवल एक हमले से बढ़कर सुरक्षा और कट्टरपंथी गतिविधियों के संभावित खतरे की ओर इशारा कर रहा है, जिस पर एजेंसियां गंभीरता से नजर बनाए हुए हैं।