मजदूरी से बेटी के सपनों को पंख लगाए: भोपालगढ़ की अनीता देवड़ा बनीं IAS अधिकारी

राजस्थान के जोधपुर जिले के भोपालगढ़ की अनीता देवड़ा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 644वीं रैंक हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया। किसान पिता और मजदूरी करने वाली मां के परिवार से आने वाली अनीता ने मां के त्याग और अपनी कड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। 12वीं में ब्लॉक टॉपर रहने वाली अनीता की सफलता ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए बड़ी प्रेरणा है।

Mar 6, 2026 - 22:31
मजदूरी से बेटी के सपनों को पंख लगाए: भोपालगढ़ की अनीता देवड़ा बनीं IAS अधिकारी

राजस्थान के जोधपुर जिले के भोपालगढ़ क्षेत्र की बेटी अनीता देवड़ा ने कड़ी मेहनत, परिवार के सहयोग और विशेष रूप से अपनी मां के त्याग से एक बड़ी मिसाल कायम की है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में उन्होंने 644वीं अखिल भारतीय रैंक हासिल की है, जिसके साथ ही वे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हो गई हैं। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे भोपालगढ़ और जोधपुर जिले के लिए गर्व का विषय बनी हुई है। परिणाम घोषित होने के बाद क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग सोशल मीडिया पर बधाइयां दे रहे हैं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और संघर्ष की शुरुआत

अनीता देवड़ा किसान श्यामलाल देवड़ा की पुत्री हैं। उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखता है, जहां आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी। अनीता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भोपालगढ़ के सैनी स्कूल से पूरी की। उन्होंने 12वीं कक्षा में ब्लॉक स्तर पर टॉप किया, जिससे उनकी प्रतिभा का पता चला। लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए संसाधनों की कमी थी।

यहां उनकी मां की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण रही। आर्थिक तंगी के बावजूद, अनीता की मां ने खेतों में मजदूरी की, एक-एक पैसा जोड़ा और बेटी को दिल्ली भेजकर उच्च शिक्षा और UPSC की तैयारी कराई। मां के पसीने और मेहनत से अनीता के सपने को पंख मिले। परिवार में शिक्षा का माहौल भी रहा है। उनके रिश्तेदारों में एक चाचा चेतन देवड़ा सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं, जबकि अन्य रिश्तेदार रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, एडीएम, प्रोफेसर और ग्राम विकास अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं। यह पारिवारिक प्रेरणा भी अनीता की सफलता में सहायक रही।

अनीता का सफर: संकल्प से सफलता तक

12वीं में टॉप करने के बाद अनीता ने IAS बनने का संकल्प लिया। उन्होंने लगातार कड़ी मेहनत की। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कोचिंग छोड़कर सेल्फ स्टडी पर ज्यादा फोकस किया, जो उनकी सफलता का एक बड़ा राज रहा। UPSC जैसी कठिन परीक्षा में 644वीं रैंक हासिल करना कोई छोटी बात नहीं है। इस परीक्षा में कुल 958 उम्मीदवारों का चयन हुआ, जिसमें अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की। अनीता की सफलता उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हैं।

क्षेत्र में उत्साह और गर्व का माहौल

अनीता की इस उपलब्धि से भोपालगढ़ क्षेत्र में जश्न का माहौल है। परिवार, रिश्तेदार और स्थानीय लोग खुशी मना रहे हैं। सोशल मीडिया पर बधाइयों का तांता लग गया है। यह सफलता दिखाती है कि मेहनत, लगन और परिवार का साथ हो तो कोई भी सपना असंभव नहीं। अनीता देवड़ा अब न केवल एक IAS अधिकारी बनकर समाज की सेवा करेंगी, बल्कि बेटियों के लिए एक जीती-जागती मिसाल भी बनेंगी।

Mohit Parihar Mohit Parihar is a journalist at The Khatak, covering politics and public issues with a strong focus on ground reporting and factual storytelling.