लिव-इन पार्टनर से झगड़े के युवक ने कार में पेट्रोल उड़ेल खुद को जिंदा जलाया.
राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक युवक ने लिव-इन पार्टनर से झगड़े के बाद उसकी गली में कार में पेट्रोल डालकर खुद को जिंदा जला लिया। सोमवार दोपहर धमाके की आवाज सुनकर लोग दौड़े, लेकिन आग बुझाने तक युवक की मौत हो चुकी थी। पुलिस जांच में आत्महत्या की पुष्टि, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
श्रीगंगानगर:-राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है, जहां प्रेम के रंग में रंगे एक युवक ने लिव-इन रिलेशनशिप में अपनी पार्टनर से हुए झगड़े के बाद खुद को आग के हवाले कर दिया। सोमवार दोपहर को कोतवाली थाना क्षेत्र के सद्भावना नगर स्थित पावन धाम के ठीक सामने यह सनसनीखेज हादसा हुआ। युवक ने अपनी ही कार में पेट्रोल उड़ेलकर खुद को लपेट लिया, जिससे भयंकर धमाका हुआ और इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जब तक आसपास के लोग दौड़े और आग बुझाने की कोशिश की, तब तक युवक की सांसें थम चुकी थीं। यह घटना न सिर्फ प्रेम के काले पक्ष को उजागर करती है, बल्कि मानसिक तनाव और रिश्तों की नाजुक डोर पर सवाल भी खड़े करती है।
घटना का पूरा घटनाक्रम: धमाके से शुरू हुई दर्दनाक कहानी
सोमवार दोपहर करीब 2 बजे के आसपास सद्भावना नगर के शांत इलाके में अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज गूंजी। आसपास के लोग घरों से बाहर निकले तो नजारा देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। एक सफेद रंग की कार से धुआं और आग की लपटें निकल रही थीं, और उसके अंदर एक युवक बुरी तरह जल रहा था। चीखें और धमाके की गूंज से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत पानी के बाल्टी, कंबल और जो भी हाथ लगे, उसे लेकर आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। लेकिन आग इतनी भयानक थी कि लगभग 10-15 मिनट तक यह सिलसिला चला।पुलिस को सूचना मिलते ही कोतवाली थाने की टीम मौके पर पहुंची। एसएचओ (स्टेशन हाउस ऑफिसर) राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। आग बुझाने के बाद जब कार के दरवाजे खोले गए, तो युवक का शव अंदर ही पाया गया। उसके शरीर का 70-80 प्रतिशत हिस्सा झुलस चुका था, और डॉक्टरों ने मौके पर ही उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि आत्महत्या का मामला है। युवक ने कार के अंदर ही पेट्रोल की पूरी कैन उड़ेल ली थी, और किसी स्रोत से आग लगाने के बाद यह कदम उठाया।
प्रेम का कड़वा अंत: लिव-इन पार्टनर से झगड़ा था कारण
पुलिस जांच और स्थानीय लोगों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि मृतक युवक (जिसकी उम्र करीब 28-30 वर्ष बताई जा रही है) पिछले कई महीनों से एक युवती के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। दोनों सद्भावना नगर के एक किराये के फ्लैट में साथ-साथ रहते थे। बताया जाता है कि रविवार रात को दोनों के बीच मामूली बात को लेकर तीखा झगड़ा हुआ था। झगड़े का मुख्य कारण पार्टनर के बीच बढ़ती अनबन और भविष्य को लेकर असहमति थी। युवक का नाम अभी गोपनीय रखा गया है, लेकिन उसके परिजनों ने बताया कि वह एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था और हाल ही में नौकरी के दबाव के कारण मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।झगड़े के बाद युवक रात भर घर से बाहर रहा। सोमवार सुबह वह पार्टनर के घर के पास ही कार लेकर आया। गुस्से और निराशा में उसने यह कट्टर कदम उठाने का फैसला किया। घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, "हमने धमाके की आवाज सुनी, तो दौड़े। कार के अंदर वह चीख रहा था, लेकिन शीशे बंद होने से मदद मुश्किल हो गई। बाहर निकलने की कोशिश में उसके हाथ जल चुके थे।" वीडियो फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे आग की लपटें कार को घेर लेती हैं, और लोग दौड़-भाग मचाते नजर आते हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई है।
पुलिस की जांच और परिजनों का शोक
कोतवाली पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम बुलाई और कार से कई सुराग बरामद किए। युवक के मोबाइल फोन में लिव-इन पार्टनर से हुई आखिरी बातचीत के मैसेज मिले हैं, जो झगड़े की पुष्टि करते हैं। अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन पुलिस पार्टनर से पूछताछ कर रही है। एसपी (सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस) जितेंद्र सिंह ने बताया, "यह आत्महत्या का मामला लग रहा है। हम परिजनों के बयान दर्ज कर रहे हैं और किसी भी कोण से जांच कर रहे हैं। अगर कोई लापरवाही या उकसावा साबित हुआ, तो कार्रवाई होगी।" मृतक के परिजन, जो जिले के एक गांव से हैं, मौके पर पहुंचे और शव को देखकर फूट-फूटकर रोने लगे। पिता ने कहा, "बेटा कितना खुशमिजाज था, लेकिन इस रिश्ते ने उसे तोड़ दिया। हमने कभी नहीं सोचा था ऐसा दिन आएगा।" पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
समाज के लिए चेतावनी: प्रेम में संवाद जरूरी, मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें
यह घटना लिव-इन रिलेशनशिप के बढ़ते मामलों के बीच एक गंभीर संदेश देती है। आज के दौर में युवा स्वतंत्र रिश्तों की तलाश करते हैं, लेकिन अनबन और दबाव से निपटने के लिए खुला संवाद और काउंसलिंग जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में परिवार और दोस्तों का सहयोग जीवन बचा सकता है। अगर आप या आपके जानने वाले मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं, तो तुरंत हेल्पलाइन (जैसे 104 या 9152907829) पर संपर्क करें। श्रीगंगानगर प्रशासन ने भी इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई है।